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Anti-Doping Law India: खेलों में डोपिंग पर सख्त वार, सप्लायर से कोच तक पर होगा आपराधिक केस

Anti-Doping Law India: खेलों में डोपिंग पर सख्त वार, सप्लायर से कोच तक पर होगा आपराधिक केस

खेलों में बढ़ते डोपिंग मामलों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब डोपिंग को केवल खेल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे आपराधिक अपराध की श्रेणी में लाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले का उद्देश्य खिलाड़ियों के साथ-साथ पूरे डोपिंग नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करना है, जिससे खेलों की साख और निष्पक्षता को बनाए रखा जा सके।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्पष्ट किया कि डोपिंग अब केवल व्यक्तिगत गलती नहीं रह गई है, बल्कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) के सम्मेलन में कहा कि सरकार प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त कानून लागू करेगी, जिसमें सप्लायर, ट्रेनर और नेटवर्क ऑपरेटर तक को सीधे आपराधिक कानून के दायरे में लाया जाएगा।

सरकार पहले ही राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम 2022 और इसके 2025 संशोधन के जरिए नियमों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बना चुकी है। राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने भी जांच, टेस्टिंग और जागरूकता अभियानों को मजबूत किया है। अब फोकस केवल खिलाड़ियों पर नहीं, बल्कि उस पूरी सप्लाई चेन पर है, जो लैब से लेकर मैदान तक डोपिंग को बढ़ावा देती है।

खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कई खिलाड़ी अनजाने में भी डोपिंग के जाल में फंस जाते हैं, खासकर तब जब वे बिना जांचे-परखे सप्लीमेंट्स या दवाओं का सेवन करते हैं। छोटे शहरों और स्थानीय प्रशिक्षण केंद्रों में बिना रेगुलेशन के सप्लीमेंट बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जो इस समस्या को और गंभीर बना रहा है।

सरकार द्वारा प्रस्तावित नए प्रावधानों के तहत डोपिंग से जुड़े सप्लायर और तस्करों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। साथ ही जांच एजेंसियों और NADA के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा, जिससे मामलों की जांच अधिक प्रभावी हो सके। ‘अपनी दवा को जानो’ जैसे डिजिटल टूल्स का विस्तार किया जाएगा, ताकि खिलाड़ी किसी भी दवा या सप्लीमेंट के उपयोग से पहले उसकी जानकारी हासिल कर सकें। इसके अलावा टेस्टिंग लैब और निगरानी तंत्र को भी और अधिक मजबूत किया जाएगा।

इस सख्त नीति के जरिए सरकार का लक्ष्य साफ है—खेलों में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करना, डोपिंग के पूरे नेटवर्क को खत्म करना और भारत को वैश्विक खेल मंच पर एक विश्वसनीय और निष्पक्ष खेल शक्ति के रूप में स्थापित करना।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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