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Odyssey 2026: शिक्षा से जुड़ी करुणा ने दिया संवेदनशील समाज का संदेश, ‘Expression of Kindness’ कार्यक्रम में सामाजिक बदलाव पर हुआ मंथन

Odyssey 2026: शिक्षा से जुड़ी करुणा ने दिया संवेदनशील समाज का संदेश, ‘Expression of Kindness’ कार्यक्रम में सामाजिक बदलाव पर हुआ मंथन

रिपोर्ट: रवि डालमिया

नई दिल्ली। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में करुणा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की सबसे प्रभावी शक्ति भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रिथक फाउंडेशन ने नई दिल्ली स्थित लोटस टेंपल ऑडिटोरियम में “Odyssey 2026 – Expression of Kindness” का भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग, समाजसेवा, प्रशासन, कला और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को संवेदनशीलता और सेवा की भावना से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और डिजिटल दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। बहाई ऑफिस ऑफ पब्लिक अफेयर्स की निदेशक श्रीमती कार्मेल एम. त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की भावना पर प्रकाश डाला। इसके बाद प्रिथक फाउंडेशन के अध्यक्ष अभय राज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दयालुता केवल एक भावना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे प्रभावशाली शक्ति है। उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन में करुणा, सेवा और सहयोग की भावना को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। कथक, समकालीन नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, संगीत, नाटक और बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति ने “Expression of Kindness” की थीम को जीवंत करते हुए प्रेम, सम्मान, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह दिखाया कि कला और संस्कृति समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।

आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण सत्र “Kindness in Action” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा रही। इसमें राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलपति एवं पूर्व निदेशक ईईडी तथा दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. एस.के. सिंह, अमन ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुण सचान, एक्सेंचर इंडिया के मैनेजर रूपेन्दर धनिया, राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हरकेश नगर की प्रधानाचार्य शीतल, विश्व हिन्दू रक्षा के स्टेट प्रेसिडेंट एवं स्नैपशॉट नेटवर्क के संस्थापक राज बजोरिया तथा बहाई ऑफिस ऑफ पब्लिक अफेयर्स की निदेशक कार्मेल एम. त्रिपाठी ने अपने विचार साझा किए।

पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि करुणा, नैतिक नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही एक समावेशी और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिक्षा तभी सार्थक मानी जाएगी, जब वह व्यक्ति को केवल सफल पेशेवर ही नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों और विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। साथ ही Odyssey 2026 में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि सामाजिक परिवर्तन के लिए युवाओं और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

इस आयोजन की सफलता के पीछे प्रिथक फाउंडेशन की समर्पित स्वयंसेवक टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की योजना बनाने, विभिन्न गतिविधियों के समन्वय, व्यवस्थाओं के संचालन और सफल क्रियान्वयन में स्वयंसेवकों ने उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके समर्पण और मेहनत के कारण यह आयोजन प्रेरणादायक और यादगार बन सका।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान, लोटस टेंपल के रात्रि भ्रमण, प्रतिभागियों के आपसी संवाद और अल्पाहार के साथ हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में दयालुता, सहयोग और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

प्रिथक फाउंडेशन शिक्षा, कौशल विकास, सामाजिक समावेशन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। संस्था की DigitalShala सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से अब तक 21,200 से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। संस्था का उद्देश्य एक करुणामय, समावेशी और सशक्त समाज का निर्माण करना है। Odyssey 2026 – Expression of Kindness इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया, जिसने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा के साथ करुणा और सेवा की भावना जुड़ती है, तब समाज में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन संभव हो जाता है।

 

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