Noida worker protest: मजदूर ने पुलिस पर मारपीट का आरोप, प्रशासन ने कंपनियों में पहुंचकर संभाला मोर्चा

Noida worker protest: मजदूर ने पुलिस पर मारपीट का आरोप, प्रशासन ने कंपनियों में पहुंचकर संभाला मोर्चा
Noida में श्रमिक आंदोलन के बाद हालात सामान्य करने की कोशिशों के बीच एक नया विवाद सामने आ गया है। एक मजदूर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सेक्टर-63 में कंपनी के बाहर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
मजदूर के अनुसार, उसे कंपनी के दोबारा खुलने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा। लेकिन मौके पर पहुंचने पर पता चला कि कंपनी अभी भी बंद है। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और मजदूरों के बीच तनाव बढ़ गया।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह पुलिस द्वारा कुछ लोगों को ले जाते हुए देख वीडियो बना रहा था, तभी पुलिसकर्मी उसे जबरन गाड़ी में ले गए। उसने बताया कि गाड़ी के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और अपशब्द कहे गए। काफी मिन्नतों के बाद उसे छोड़ा गया। इस आरोप के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले Lakshmi Singh ने बयान दिया था कि जिले में अधिकांश विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और केवल दो स्थानों पर ही हिंसा हुई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि मजदूरों की मांगों को ध्यान में रखते हुए एक उच्च स्तरीय समिति ने अंतरिम वेतन वृद्धि की घोषणा की है।
इसी बीच प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी के फैसलों को लागू कराने के लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम खुद मैदान में उतर गई हैं।
जिलाधिकारी ने नोएडा और Greater Noida की एक दर्जन से अधिक कंपनियों का दौरा कर श्रमिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मजदूरों की समस्याएं सुनीं और खासतौर पर वेतन से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया।
प्रशासन ने सभी कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि हाई पावर कमेटी के फैसलों को कंपनी के गेट पर नोटिस के रूप में चस्पा किया जाए, ताकि हर कर्मचारी को जानकारी मिल सके। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि किसी भी श्रमिक का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
इसके साथ ही आउटसोर्सिंग कंपनियों को भी चेतावनी दी गई है कि अगर किसी कर्मचारी के साथ अन्याय हुआ तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ब्लैकलिस्टिंग और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखने की कोशिश में जुटे हैं, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में दोबारा कोई तनाव पैदा न हो।
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