Encounter: एक लाख का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर, छेमार गैंग के कुख्यात अपराधी का STF ने किया एनकाउंटर
नोएडा। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा फील्ड यूनिट ने मंगलवार तड़के अंबेडकर नगर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नशरे हसन उर्फ पेंदा को मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी कुख्यात छेमार गैंग का सक्रिय सदस्य था और हत्या, डकैती तथा लूट की कई सनसनीखेज वारदातों में वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि छेमार गैंग की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद नोएडा फील्ड यूनिट को अंबेडकर नगर के टांडा क्षेत्र में सक्रिय किया गया था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गैंग का एक वांछित बदमाश अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने ग्राम मुसलिम जगीरगंज के पास घेराबंदी कर दी।
मंगलवार तड़के करीब पौने चार बजे एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बदमाश तेजी से भागने लगे। पीछा करने के दौरान उनकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई, जिसके बाद दोनों आरोपी पैदल भागने लगे। एसटीएफ टीम ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन एक बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नशरे हसन उर्फ पेंदा के रूप में हुई, जो कानपुर नगर के बिल्हौर क्षेत्र का रहने वाला था।
एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से 32 बोर की एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस, 12 बोर की पौनिया, 14 जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने बरामद हथियारों और वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार विक्की पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह वर्ष 2013 में सुल्तानपुर में हत्या के बाद डकैती की वारदात, वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में एक परिवार को बंधक बनाकर डकैती और दो महिलाओं की हत्या, वर्ष 2015 में कौशांबी में दंपति की हत्या के बाद डकैती तथा मुजफ्फरनगर में एक ही रात कई घरों में डकैती जैसी जघन्य घटनाओं में वांछित था। इसके अलावा वर्ष 2021 में कानपुर देहात के एक हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि छेमार गैंग लंबे समय से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य सुनसान इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में घुसकर डकैती की घटनाओं को अंजाम देते थे। विरोध करने पर वे हत्या करने से भी पीछे नहीं हटते थे। गैंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और उसके कई सदस्य पहले भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान फरार हुए आरोपी की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न टीमों को उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है और जल्द ही उसे भी पकड़ने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में संगठित अपराध और इनामी अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ का अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।


