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Noida Metro: नोएडा मेट्रो लाइन का 22 जुलाई को PIB के सामने होगा प्रेजेंटेशन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक नई लाइन से 2 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

Noida Metro: नोएडा मेट्रो लाइन का 22 जुलाई को PIB के सामने होगा प्रेजेंटेशन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक नई लाइन से 2 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) की सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन का प्रेजेंटेशन 22 जुलाई को नई दिल्ली में पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक (एमडी) कृष्णा करुणेश परियोजना की उपयोगिता, क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका और यात्रियों को मिलने वाले लाभों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देंगे।

एनएमआरसी के एमडी कृष्णा करुणेश ने बताया कि मेट्रो परियोजनाएं केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) के अधीन आती हैं। चूंकि एनएमआरसी भारत सरकार का उपक्रम है, इसलिए पीआईबी से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की अनुमानित लागत लगभग 900 करोड़ रुपये है। यह सेक्टर-51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्थित किसान चौक तक जाएगा। करीब 7.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर कुल पांच स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) शामिल हैं।

यह मेट्रो लाइन मौजूदा रैपिड रेल (RRTS) से अलग कॉरिडोर होगी और नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाएगी। परियोजना के पूरा होने के बाद प्रतिदिन लगभग दो लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ चौक और नोएडा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी और सड़क पर लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।

एनएमआरसी के अनुसार यह एक्सटेंशन लाइन अपेक्षाकृत कम लागत में विकसित की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इक्विटी मॉडल के तहत संयुक्त रूप से वित्तीय सहयोग करेंगे।

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि भविष्य में यह लाइन गाजियाबाद से जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से भी जुड़ सकेगी। इससे नोएडा के निवासी मेट्रो और आरआरटीएस के माध्यम से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक यात्रा कर सकेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि परियोजना का निर्माण पूरा होने में लगभग दो वर्ष का समय लग सकता है। इसके पूरा होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच एक बेहतर परिवहन नेटवर्क विकसित होगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।

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