Noida Medical Device Park Investment: जापानी कंपनियों की एंट्री तय, यमुना सिटी में बढ़ेगा हेल्थ सेक्टर निवेश

Noida Medical Device Park Investment: जापानी कंपनियों की एंट्री तय, यमुना सिटी में बढ़ेगा हेल्थ सेक्टर निवेश
नोएडा के यमुना सिटी स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में जल्द ही जापानी कंपनियों का बड़ा निवेश देखने को मिल सकता है। सेक्टर-28 में विकसित हो रहे इस पार्क को लेकर जापानी उद्यमियों के संगठन मेडिकल एक्सीलेंस जापान (MEJ) के प्रतिनिधियों ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की और क्षेत्र का दौरा भी किया। एयरपोर्ट के नजदीक होने और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते विदेशी निवेशकों ने यहां गहरी रुचि दिखाई है।
जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर क्योको बीपू ने किया, जिन्होंने YEIDA के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के साथ बैठक कर मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति और संभावनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और केंद्र व राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों की विस्तृत जानकारी दी।
यमुना सिटी के सेक्टर-28 में करीब 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह मेडिकल डिवाइस पार्क मार्च 2027 तक शुरू होने की संभावना है। यहां छह प्रकार के फैसिलिटी सेंटर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि गामा रेडिएशन सहित 13 अत्याधुनिक लैब्स के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। इस पार्क का उद्देश्य देश में ही उच्च गुणवत्ता वाले मेडिकल उपकरणों का निर्माण बढ़ावा देना है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
YEIDA की योजना है कि इस पार्क में बड़ी कंपनियों को एंकर यूनिट के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि कैंसर, किडनी, लिवर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाले उपकरणों का निर्माण स्थानीय स्तर पर हो सके। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
अब तक इस परियोजना में 101 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जो लगभग 60.14 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं। इनसे करीब 1291 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। वहीं 93.62 एकड़ भूमि अभी आवंटन के लिए शेष है, जिसमें भविष्य में 150 से अधिक भूखंड और विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में 11 कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जबकि एक कंपनी ने रक्त से जुड़े उपकरणों का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने संकेत दिया है कि कई बड़ी कंपनियां यहां निवेश के लिए तैयार हैं। मई के पहले सप्ताह में उनका दल दोबारा आएगा, जहां विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) साइन किए जाने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में विदेशी निवेश को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
यह परियोजना न केवल नोएडा और यमुना सिटी के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी, बल्कि भारत को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





