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Noida: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे अधिवक्ता, रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने के आसार

Noida: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे अधिवक्ता, रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने के आसार

नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-पंजीकरण (E-Registration) व्यवस्था के विरोध में प्रदेशभर के अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में नोएडा बार एसोसिएशन ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से रजिस्ट्री और दस्तावेज तैयार करने से जुड़े उनके पारंपरिक कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे हजारों अधिवक्ताओं की आजीविका प्रभावित हो सकती है। सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रजिस्ट्री, किरायानामा, हलफनामा और अन्य कानूनी दस्तावेजों के कार्यों के लिए पहुंचते हैं। यहां अधिवक्ता दस्तावेज तैयार करने, कानूनी सलाह देने और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने के बाद आम लोगों को सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया की ओर भेजा जाएगा, जिससे उनकी भूमिका सीमित हो सकती है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि नई व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका क्या होगी। इसी अनिश्चितता के कारण अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर हुए हैं। उनका मानना है कि यदि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाती है तो रजिस्ट्री और दस्तावेज संबंधी कार्यों के लिए लोगों की अधिवक्ताओं पर निर्भरता कम हो जाएगी। वहीं निबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ई-पंजीकरण व्यवस्था अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। शासन स्तर पर केवल दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। व्यवस्था का स्वरूप, प्रक्रिया और विभिन्न पक्षों की भूमिका अभी तय की जानी बाकी है। अधिकारियों का दावा है कि नई प्रणाली में भी अधिवक्ताओं की भूमिका बनी रहेगी और दस्तावेज तैयार करने का कार्य उनके माध्यम से ही होगा। उप निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 रजिस्ट्रियां होती हैं, जबकि कानूनी दस्तावेजों और अन्य कार्यों के लिए करीब 5 हजार लोगों का आवागमन रहता है। इसके अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्टांप पेपरों का उपयोग भी किया जाता है। ऐसे में हड़ताल का सीधा असर आम लोगों के कामकाज पर पड़ सकता है। नोएडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीन डेढ़ा ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था अधिवक्ताओं के रोजगार और कार्यक्षेत्र को प्रभावित करेगी, इसलिए अधिवक्ता आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। दूसरी ओर एआईजी प्रथम गौतमबुद्ध नगर अरुण कुमार शर्मा ने अधिवक्ताओं से हड़ताल समाप्त कर कार्य पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि नई व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है और सभी हितधारकों की भूमिका को ध्यान में रखकर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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