Noida Land Fraud: 8.38 लाख रुपये लेकर जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप, चार पर केस
नोएडा। जमीन के सौदे में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और साजिश के तहत रकम हड़पने के आरोप में कासना कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन से जुड़े दस्तावेज पहले से उसके पक्ष में होने की जानकारी आरोपियों को थी, इसके बावजूद दूसरे पक्ष के नाम पर दस्तावेज तैयार कराए गए।
फरीदाबाद, हरियाणा निवासी तेजपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दनकौर थाना क्षेत्र के अट्टा गुजरान गांव निवासी छोटे की गुनपुरा गांव में जमीन थी। इस जमीन का यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहण किया गया था।
अधिग्रहित भूमि के बदले संबंधित किसान को सात प्रतिशत आवासीय भूखंड दिए जाने की योजना थी। शिकायत के अनुसार, छोटे को इसी योजना के तहत 120 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड मिलना था। इस भूखंड को शिकायतकर्ता के पक्ष में देने के लिए 20 मई 2015 को इकरारनामा कराया गया था।
इस सौदे के लिए 8.40 लाख रुपये की रकम तय हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने 8.38 लाख रुपये बतौर अग्रिम भुगतान कर दिए थे। इसके बाद छोटे ने 20 मई 2018 को शिकायतकर्ता के पक्ष में वसीयत भी पंजीकृत कराई थी।
शिकायत के मुताबिक, छोटे ने अपने बेटे रणवीर के पक्ष में भी संबंधित दस्तावेज तैयार कराए थे। इन दस्तावेजों के बावजूद उसने 3 अप्रैल 2023 को संबंधित भूखंड का इकरारनामा इंद्रेश पत्नी फूल सिंह के पक्ष में करा दिया।
इस इकरारनामे में सचिन नागर और फूल सिंह को गवाह बनाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इंद्रेश, सचिन और फूल सिंह को पहले से जानकारी थी कि भूखंड से संबंधित दस्तावेज उसके पक्ष में मौजूद हैं। इसके बावजूद साजिश के तहत नए दस्तावेज तैयार कराए गए और उससे ली गई रकम हड़पने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों को असली दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।
कासना कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस दस्तावेजों की जांच करने के साथ जमीन के सौदे और भुगतान से जुड़े तथ्यों को भी सत्यापित कर रही है।




