Noida International Airport: नोएडा एयरपोर्ट बना गेमचेंजर, यमुना सिटी में उद्योगों का महाकुंभ; 30 हजार लोगों को मिला रोजगार

Noida International Airport: नोएडा एयरपोर्ट बना गेमचेंजर, यमुना सिटी में उद्योगों का महाकुंभ; 30 हजार लोगों को मिला रोजगार
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण ने यमुना सिटी की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी हैं। कभी औद्योगिक गतिविधियों के लिए संघर्ष कर रहे इस क्षेत्र में आज उद्योगों का महाकुंभ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2022 तक जहां यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में एक भी औद्योगिक इकाई उत्पादन शुरू नहीं कर पाई थी, वहीं मात्र चार वर्षों में 38 उद्योगों में उत्पादन शुरू हो चुका है और करीब 30 हजार लोगों को रोजगार मिल चुका है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना 24 अप्रैल 2001 को एक्सप्रेसवे और क्षेत्रीय विकास के उद्देश्य से की गई थी। शुरुआती दौर में इसे ताज एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के नाम से जाना जाता था, लेकिन 25 वर्षों के भीतर यह क्षेत्र देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषणा और निर्माण ने इस बदलाव को गति दी और पूरे क्षेत्र को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया। वर्तमान में यीडा क्षेत्र में 38 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन जारी है, जबकि 71 इकाइयों को कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं और वे किसी भी समय उत्पादन शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा करीब 400 औद्योगिक परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्राधिकरण ने वर्ष के अंत तक 200 औद्योगिक इकाइयों को संचालन में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। नोएडा एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक और हाईटेक औद्योगिक हब बनता जा रहा है। उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट पर कार्य शुरू हो चुका है, जबकि मेडिकल डिवाइस पार्क को अगले वर्ष तक पूरी तरह संचालित करने की तैयारी है। मेडिकल डिवाइस पार्क में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा चुका है और एक कंपनी ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। वहीं 10 अन्य कंपनियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, फिनटेक सिटी, फिल्म सिटी, डेटा सेंटर पार्क और अन्य मेगा परियोजनाओं ने यमुना सिटी को निवेश और तकनीकी विकास का नया केंद्र बना दिया है। एयरपोर्ट के आसपास उभरता यह औद्योगिक कॉरिडोर रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास की नई कहानी लिख रहा है। यीडा क्षेत्र में देश-विदेश की 136 कंपनियां लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं। इन कंपनियों को प्राधिकरण द्वारा भूमि आवंटित की जा चुकी है और इनके शुरू होने से करीब 45 हजार अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन परियोजनाओं के लिए कुल 966 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इनमें सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी करीब एक हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। यमुना सिटी में विकसित हो रहे उद्योगों की विविधता भी इसे विशेष बनाती है। यहां पंखे, कूलर, एलईडी लाइट, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, ट्रैक्टर इंजन, वायर हार्नेस और अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर चिप्स तक का निर्माण किया जाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई मजबूती मिलेगी और कई उत्पादों के लिए विदेशी निर्भरता कम होगी। साथ ही यह क्षेत्र सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र छह जिलों—गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा—में फैला हुआ है। वर्तमान में फेज-1 के अंतर्गत जेवर और बुलंदशहर क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं, जबकि फेज-2 में अन्य चार जिलों को विकसित किया जाएगा। मथुरा में राया हेरिटेज सिटी, अलीगढ़ में लॉजिस्टिक हब, हाथरस में पारंपरिक उद्योगों के विस्तार और आगरा में पर्यटन विकास की योजनाएं प्रस्तावित हैं। यमुना सिटी में मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, सेमीकंडक्टर पार्क, लॉजिस्टिक पार्क, डेटा सेंटर पार्क, टॉय पार्क, फिल्म सिटी, एमएसएमई पार्क और हस्तशिल्प पार्क जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं विकास की रफ्तार को नई दिशा दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पूरी तरह संचालित होने के बाद यमुना सिटी देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्रों में शामिल हो सकती है। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में अब तक 3,116 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। इनमें से 2,729 भूखंडों की रजिस्ट्री हो चुकी है, 1,831 भूखंडों पर कब्जा दिया जा चुका है तथा 757 परियोजनाओं के नक्शे स्वीकृत किए जा चुके हैं। यह आंकड़े यमुना सिटी में तेजी से बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।





