Noida cyber fraud case: नोएडा में बिल्डर से 60 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी रामपुर से गिरफ्तार

Noida cyber fraud case: नोएडा में बिल्डर से 60 लाख की साइबर ठगी करने वाला आरोपी रामपुर से गिरफ्तार
नोएडा, 13 फरवरी: Noida की साइबर अपराध थाना पुलिस ने 60 लाख रुपये की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को गुरुवार को Rampur जिले के नौंगावा क्षेत्र से दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर सेक्टर-43 निवासी एक बिल्डर से लाखों रुपये ठगे थे।
पीड़ित बिल्डर मनोज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 अगस्त को उनकी फेसबुक पर ‘माही’ नाम की एक महिला से संपर्क हुआ। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। महिला ने खुद को ऑनलाइन स्टोर से जुड़ा कारोबारी बताते हुए 15 से 20 प्रतिशत तक मुनाफे का दावा किया। उसने मनोज को अपनी गारंटी पर ऑनलाइन कारोबार में निवेश करने के लिए राजी कर लिया।
महिला के कहने पर मनोज ने ‘विश शॉप’ नाम के ऑनलाइन स्टोर पर थोक में सामान खरीदना शुरू किया और 24 घंटे के भीतर सामान की बिक्री भी दिखाई गई। पहली ही डील में 20 प्रतिशत लाभ खाते में ट्रांसफर हुआ, जिससे मनोज का विश्वास बढ़ गया। इसके बाद महिला और उसके साथियों के कहने पर मनोज ने 24 नवंबर तक कुल 22 बार में करीब 60 लाख रुपये निवेश कर दिए।
कुछ समय बाद ऐप पर करीब 1.10 करोड़ रुपये की रकम दर्शाई जाने लगी। जब मनोज ने मुनाफे सहित राशि निकालने का आवेदन किया, तो ठगों ने टैक्स के नाम पर 11 लाख रुपये और जमा करने को कहा। रकम न देने पर आरोपी पक्ष ने अमेरिकी सरकार द्वारा ऐप खाता बंद किए जाने का झूठा भय दिखाया। यहां तक कि खुद 11 लाख में से 8 लाख रुपये जमा करने की बात कहकर भरोसा दिलाने की कोशिश की। संदेह होने पर मनोज ने अतिरिक्त रकम नहीं दी, जिसके बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।
शिकायत मिलने पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रामपुर के नौंगावा निवासी शहनवाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और 26 कॉपी कॉलिंग डाटा बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी संगठित साइबर गिरोह से जुड़ा है और निवेश पर ऊंचे रिटर्न का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाता था। वह साइबर अपराधियों को कमीशन लेकर बैंक खाते भी उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम विभिन्न राज्यों से ट्रांसफर हुई है।
आरोपी के खिलाफ Nashik सिटी, महाराष्ट्र में भी मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में उसके खातों के खिलाफ 15 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों के लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के माध्यम से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस से शिकायत करें।





