अमर सैनी
नोएडा।नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर थोड़ी सी लापरवाही से आपकी जान सकती है। बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे पर सफर आसान नहीं है। दरअसल, पिछले दिनों नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कार की यूनिपोल से टक्कर में तीन छात्रों की मौत हो गई थी। जिसके बाद प्राधिकरण की नींद खुली। प्राधिकरण द्वारा कराए गए सर्वे में यूनिपोल और 73 अन्य ढांचे खतरनाक घोषित किए गए हैं ऐसे में प्राधिकरण ने अपनी दिशा-निर्देश किसी स्वतंत्र एजेंसी से बनवाने का फैसला किया है, जो बताएगी कि एक्सप्रेसवे पर ऐसे यूनिपोल और अन्य ढांचे लगाए जा सकते हैं या नहीं।
पिछले दिनों नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कार की यूनिपोल से टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई थी। इनमें से दो युवक प्राधिकरण में संविदा पर तैनात जूनियर इंजीनियर के बेटे थे। उनकी मौत के बाद सवाल उठे थे कि क्रैश बैरियर के अंदर ऐसे ढांचे नहीं होने चाहिए। यह भी कहा गया था कि अगर कार क्रैश बैरियर से टकराती तो संभव है कि युवकों की जान बच सकती थी। प्राधिकरण के सर्वे में पता चला है कि एक्सप्रेसवे पर आईटीएमएस यूनिपोल, साइनेज बोर्ड, विज्ञापन यूनिपोल, शौचालय और एफओबी क्रैश बैरियर के अंदर बने हैं। इन सभी में से 73 स्ट्रक्चर क्रैश बैरियर के अंदर हैं। रिपोर्ट प्राधिकरण के एसीईओ को सौंप दी गई है।
इस संबंध में प्राधिकरण की ओर से लखनऊ की एक एजेंसी को गाइडलाइन बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह एजेंसी एक्सप्रेसवे के नियमों के तहत निर्माण आदि पर अपनी राय देकर गाइडलाइन तैयार करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।



