
New Delhi (राकेश शर्मा) : जैसे जैसे के विधान सभा चुनावों की आहट दस्तक दे रही है और इंडी का सबसे मजबूत किला और नेत्री ममता बनर्जी हिंदुत्व और सनातन के सामने धराशायी हुई है तुष्टिकरण के ध्वजवाहक इंडी गठबंधन के सभी कालनेमि नेता सनातन और हिंदुत्व का कालनेमि कवच पहनकर बिलों से बाहर आ गए है । यह अवसर इन्हें कुछ धर्मविरोधी राक्षकों ने भगवान श्री राम के अयोध्या मंदिर में चढ़ावे की चोरी कर प्रदान कर दिया है ।इन सभी भक्षकों का इलाज तबियत से योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं और इनसे ना केवल पूरी वसूली की जाएगी बल्कि ऐसी सज़ा भी मिलेगी की इनकी सात पुश्ते याद रखेगी। योगी आदित्यनाथ ने ऐसा संकल्प लेते हुए सभी सनातन धर्मावलम्बियों से दूध का दूध और पानी का पानी करने का वायदा भी किया है और इस दिशा में काम भी प्रारम्भ कर दिया है।
एसआईटी का गठन हो गया है, प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है, आठ नामित अपराधी गिरफ्तार हो गए हैं, उनसे वसूली भी हुई है, तलाशी जारी है, जेसीबी की गर्जना प्रारंभ हो रही है, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा हो चुका है, 140 लोगों से पूछताछ चल रही है ।
आस्था और धर्म को बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
लेकिन अखिलेश और इंडी गठबंधन के अन्य नेता इसे 2027 में बड़ा चुनावी मुद्दा बनाना चाहते है वरना योगी मोदी को इस चोरी में शामिल क्यों किया जा रहा है।
भारत के सभी सनातनी और हिंदू बहुत जागरूक हैं उन्हें मालूम है की कौन सी शक्तियां भारत राष्ट्र को गजवाए हिन्द में परिवर्तित करने वालो की सहायता कर रहीं थीं, किसने भारत में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जागरण किया, किसने सनातन की रक्षा का काम किया, कौन बहुसंख्यक समाज पर एवं उनके तीज त्योहारों पर हमलों का मुक़ाबला करता रहा, किसने रामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन चलाया, किसने इस आंदोलन में रुकावटें डाली, किसने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद श्री राम मंदिर का निर्माण कराया, कौन काशी में ज्ञानवापी मंदिर में खुलवाने की लड़ाई लड़ रहा है, किसने यहाँ पूजा बंद कराई,किसने काशी विश्वनाथ का कॉरिडोर बनवाया, किसने महाकाल कॉरिडोर बनवाया, कौन मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि को आक्रांताओं से मुक्ति का आंदोलन चला रहा है।
यदि कुछ कालनेमि सोच रहे हैं की अयोध्या में चंदे चोरी से वोट पा लेंगे तो यह उनकी ग़लतफ़हमी है। दोषियों पर कार्यवाही के बाद शायद भाजपा को और बड़ा जनता का आशीर्वाद मिले।
जनता वोट डालने से पहले सनातन के दुश्मनों के कृत्यों पर दृष्टि जरूर डालेगी।
वाह सोचेगी की राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर गोलियां किसने चलवाई थी, अखिलेश यादव ने कहा था ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलना भाजपा की साज़िश है,
अखिलेश ने कहा था की 2024 से पहले कहीं भी पत्थर रखो, लाल झंडा रखो, बन गया मंदिर, यह भी कहा 2024 से पहले एक वक्त था (बाबरी ढांचे में) अंधेरे में मूर्तियां रख दी गई थी
अब कह रहे हैं मर्यादा का पहला नाम श्रीराम और दूसरा संविधान” यह भी अखिलेश ने कहा की दीपावली पर दीए, मोमबत्ती क्यों जलाएं ? अब कह रहे हैं पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना व दीपोत्सव में शामिल हो।
अखिलेश ने उपहास उड़ाते हुए यह भी कहा से की मुख्यमंत्री आवास में भी शिवलिंग है, वहां भी खुदाई हो।
अब कह रहे हैं “हम भी सनातनी, शिव में हमारी भी अटूट आस्था”। उस समय समाजवादी स्वामी प्रसाद मौर्य के रामायण जलाने पर ना तो कोई कार्यवाही की और ना ही उन्हें पार्टी से निकाला।
राहुल की कांग्रेस ने तो भगवान राम को भी काल्पनिक बता दिया, और आज राम भक्त बनकर दिखा रहे हैं, इनके वकील पूछते थे की कौन से कमरे में राम पैदा हुए थे, राहुल कहते थे हिंदू मंदिरों में लड़की छेड़ने जाते हैं, भगवा आतंकवाद का नारा दिया, सनातन को डेंगू, मलेरिया, एचआईवी, करोना कहने वाले उदयनिधि स्टालिन को मूक समर्थन दिया जिसने सनातन समाप्ति की बात भी की, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र ने सरेआम इस बात के लिए स्टालिन का समर्थन किया , राहुल ने संसद में हिंदुओं को हिंसक कहा। आज वोटों के लिए छद्म हिंदू बन रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल तो चुनावी हिंदू हैं ही और आज अपने को कट्टर हिंदू पब्लिक में साबित करना चाह रहे है । इन्होंने ही कहा था की मेरी नानी कहती है बेटा जो मंदिर बाबरी मस्जिद तोड़कर बना है तुम वहाँ मत जाना, आम आदमी के ही मनीष सिसोदिया ने कहा था की राम मंदिर बनाने की क्या आवश्यकता है वहाँ अस्पताल बनवा दो। आज चीख चीख कर बहती गंगा में हाथ धोकर ढोंगी हिंदू बनने का नाटक कर रहे हैं।
इस नाटक का पटाक्षेप करने के लिए आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही जल्द होनी चाहिए, ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए की भविष्य में कोई ऐसा दुष्कर्म करने का दुस्साहस कोई ना कर सके फिर कोई असली सनातनी और हिंदुओं का कुछ नहीं कर सकेगा । सिर्फ विश्वास जागृत करने की आवश्यकता है जिसमें योगी आदित्यनाथ सक्षम है।





