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New Delhi: लैब जांच में 168 दवाएं ‘मानक से बाहर’, एक नकली दवा की भी पहचान; सीडीएससीओ की सख्ती से बाजार से हटाने की कार्रवाई तेज

New Delhi: लैब जांच में 168 दवाएं ‘मानक से बाहर’, एक नकली दवा की भी पहचान; सीडीएससीओ की सख्ती से बाजार से हटाने की कार्रवाई तेज

नई दिल्ली, 20 अप्रैल। देश में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे नियमित निगरानी अभियान के तहत मार्च 2026 की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organization) द्वारा जारी रिपोर्ट में कुल 168 दवा नमूने ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) पाए गए हैं, जबकि एक दवा को ‘स्प्यूरियस’ यानी नकली श्रेणी में चिन्हित किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान 48 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि राज्य स्तरीय दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं में 120 नमूने गुणवत्ता मानकों में फेल पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन दवाओं में निर्धारित गुणवत्ता मानकों जैसे सक्रिय घटक, शुद्धता और अन्य पैरामीटर में कमी पाई गई।

विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा का NSQ पाया जाना केवल उसी विशेष बैच तक सीमित होता है और इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरे ब्रांड या अन्य बैच भी प्रभावित हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बिहार से एक दवा नमूना ‘स्प्यूरियस’ पाया गया है, जिसे किसी अनधिकृत निर्माता द्वारा दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का उपयोग कर तैयार किया गया था। इस मामले की जांच जारी है और संबंधित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सीडीएससीओ ने बताया कि राज्य औषधि नियामकों के साथ मिलकर ऐसी दवाओं की नियमित निगरानी की जाती है, ताकि खराब गुणवत्ता और नकली दवाओं को समय रहते बाजार से हटाया जा सके और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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