NAMASTE Scheme: नमस्ते योजना से 89 हजार से अधिक सीवर कर्मियों को मिली सुरक्षा, मशीनों से सफाई कर ‘जीरो डेथ’ का लक्ष्य

NAMASTE Scheme: नमस्ते योजना से 89 हजार से अधिक सीवर कर्मियों को मिली सुरक्षा, मशीनों से सफाई कर ‘जीरो डेथ’ का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (NAMASTE) योजना के तहत महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया है। सरकार के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक देशभर में 89,915 सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मियों तथा 2,81,117 कचरा बीनने वालों का सत्यापन किया जा चुका है। योजना का मुख्य उद्देश्य खतरनाक मैनुअल सफाई व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर आधुनिक मशीनों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक सफाई व्यवस्था विकसित करना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस योजना के तहत सफाई कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि सफाई कर्मियों को जोखिम भरे कार्यों से बचाने के लिए मशीनीकरण को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि उन्हें सीधे जहरीली गैसों और खतरनाक कचरे के संपर्क में न आना पड़े।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 87,037 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों और 1,84,118 कचरा बीनने वालों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इन सुरक्षा किटों में ऐसे उपकरण शामिल हैं जो सफाई कार्य के दौरान कर्मियों को संक्रमण, जहरीली गैसों और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने में मदद करते हैं।
इसके अलावा 76,845 सीवर कर्मियों और 1,04,729 कचरा बीनने वालों को हेल्थ कार्ड भी जारी किए गए हैं। इन हेल्थ कार्डों के माध्यम से सफाई कर्मियों को नियमित स्वास्थ्य जांच और विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सफाई कार्य से जुड़े लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कार्यस्थल पर सुरक्षा।
योजना के अंतर्गत 753 इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट को भी आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और मशीनों से लैस किया गया है। इन इकाइयों का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई सुनिश्चित करना है, जिससे मानव जीवन को जोखिम में डाले बिना आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नमस्ते योजना का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक सफाई कर्मी को सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार मशीनीकरण, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वरोजगार सहायता के माध्यम से सफाई कार्य को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य सफाई कार्य के दौरान होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है। इसके साथ ही सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कर्मियों का खतरनाक कचरे और जहरीली गैसों के सीधे संपर्क को पूरी तरह समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
नमस्ते योजना के तहत सफाई कर्मियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ, स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता और आधुनिक सफाई मशीनों तक पहुंच भी उपलब्ध कराई जा रही है। इन पहलों का उद्देश्य सफाई कर्मियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
सरकार का कहना है कि राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और शहरी निकायों के सहयोग से पूरे देश में मशीनीकृत सफाई सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही सफाई कर्मियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक संरक्षण के माध्यम से देश में मैनुअल सीवर सफाई की प्रथा को समाप्त कर सुरक्षित और सम्मानजनक सफाई व्यवस्था स्थापित की जा सकती है।





