उत्तर प्रदेश : महावीर जयंती पर मेरठ रेंज में कड़ी सुरक्षा, शोभायात्राओं को लेकर व्यापक पुलिस बंदोबस्त

Hapur/Meerut News : महावीर जयंती के अवसर पर मेरठ रेंज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा के दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदों में 5 अपर पुलिस अधीक्षक, 19 क्षेत्राधिकारी, 57 निरीक्षक, 260 उपनिरीक्षक, 260 मुख्य आरक्षी, 305 आरक्षी, 139 होमगार्ड एवं पीआरडी कर्मियों के साथ 2 कंपनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है।
पुलिस के अनुसार, इस अवसर पर मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में कुल 30 शोभायात्राएं और 7 अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें पूजा-अर्चना, भंडारा और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल हैं। शोभायात्राओं के मार्ग में पड़ने वाले 38 स्थानों को संवेदनशील या हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनमें बुलंदशहर में सबसे अधिक 28 स्थान शामिल हैं, जबकि मेरठ में 6, बागपत में 1 और हापुड़ में 3 स्थान संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
डीआईजी क्लानिधि नैथानी ने बताया कि मेरठ में 15, बुलंदशहर में 7, बागपत में 6 और हापुड़ में 2 शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। कार्यक्रमों के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए पुलिस द्वारा विभिन्न स्तरों पर लगातार समन्वय स्थापित किया गया है। इसके तहत शांति समिति, धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ 61 बैठकों का आयोजन किया गया, जबकि नगर निगम, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग जैसे अन्य विभागों के साथ 56 तथा आयोजकों और संयोजकों के साथ 44 गोष्ठियां की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 को मनाई जाने वाली महावीर जयंती पर जैन समुदाय द्वारा भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना, प्रवचन, प्रभात फेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर रेंज स्तर से सभी जनपद प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
डीआईजी निर्देशों के अनुसार शोभायात्रा मार्गों का पूर्व चिन्हांकन कर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और आयोजकों के साथ समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी क्षेत्रों में शांति समितियों को सक्रिय कर स्थानीय नागरिकों का सहयोग लिया जाएगा और पूर्व में हुए विवादों की समीक्षा कर उनका समय रहते समाधान किया जाएगा। किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
साथ ही हर छोटी घटना को गंभीरता से लेने, कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करने और साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को समाप्त करने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया इकाइयों को सतर्क रहने, असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी और भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन किया जाएगा।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा अग्नि और विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए फायर सर्विस की टीमों को रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा। नगर निकायों के साथ समन्वय कर साफ-सफाई, पानी और प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा।





