MY Bharat: उद्योग-युवा साझेदारी से विकसित भारत को मिलेगी नई गति, बोले डॉ. मनसुख मांडविया

MY Bharat: उद्योग-युवा साझेदारी से विकसित भारत को मिलेगी नई गति, बोले डॉ. मनसुख मांडविया
नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि सरकार और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी देश के युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग, कॉरपोरेट क्षेत्र और सरकार मिलकर काम करें तो देश की युवा शक्ति को कौशल, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति दी जा सकती है।
नई दिल्ली में आयोजित इंडस्ट्री एसोसिएशन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को स्किलिंग, इंटर्नशिप, स्वयंसेवा, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और अवसरों से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है और यदि युवाओं को सही दिशा, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने उद्योग संगठनों से अपील की कि वे कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन में अधिक योगदान दें।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि माय भारत प्लेटफॉर्म देश के हर युवा तक अवसर पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इसके जरिए युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में उपलब्ध विभिन्न अवसरों की जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी, जिससे उनकी भागीदारी और क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।
कॉन्क्लेव में विभिन्न उद्योग संगठनों, कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने युवाओं के कौशल विकास, इंटर्नशिप, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि माय भारत प्लेटफॉर्म युवाओं को अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का मंच भी उपलब्ध कराएगा। इससे विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में सरकार और उद्योग जगत की साझा भागीदारी और अधिक प्रभावी होगी।





