Missing Worker: ग्रेटर नोएडा में झारखंड का श्रमिक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, तीन महीने से फोन बंद
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए झारखंड से आया 42 वर्षीय श्रमिक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। करीब तीन महीने से श्रमिक का फोन बंद है और परिजनों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। पत्नी की शिकायत पर बिसरख थाना पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
झारखंड के बोकारो की रहने वाली सुनीता देवी ने पुलिस को बताया कि उनके पति सुरेंद्र रविदास मजदूरी का काम करते हैं। गांव के ही ठेकेदार मेघनाथ महतो ने मार्च 2026 में सुरेंद्र को काम दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा भेजा था। इसके बाद वह यहां निर्माण कार्य करने लगे थे।
परिजनों के मुताबिक सुरेंद्र बिसरख थाना क्षेत्र में आम्रपाली लेजर वैली के पास भूपति इन्फ्रा लिमिटेड (केपेसाइड) में निर्माण कार्य कर रहे थे। कंपनी की ओर से रहने के लिए उपलब्ध कराए गए कमरे में वह अन्य मजदूरों के साथ रहते थे।
सुनीता देवी के अनुसार 7 मई 2026 से अचानक सुरेंद्र का मोबाइल फोन बंद हो गया। शुरुआत में परिवार को लगा कि काम या मोबाइल में किसी समस्या के कारण संपर्क नहीं हो पा रहा होगा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकी। सुरेंद्र घर भी वापस नहीं पहुंचे।
परिजनों ने इसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा भेजने वाले ठेकेदार मेघनाथ महतो से संपर्क किया। साथ ही सुरेंद्र के साथ काम करने वाले अन्य मजदूरों से भी उनके बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया। आरोप है कि पूछताछ के बावजूद परिवार को उनके बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी।
लगातार तलाश के बावजूद सुरेंद्र का कोई पता नहीं चलने पर उनकी पत्नी ने पुलिस से मदद मांगी। सुनीता देवी की तहरीर के आधार पर बिसरख थाना पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
एसएसआई राजवीर सिंह के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। पुलिस श्रमिक के संपर्कों और उसके साथ काम करने वाले लोगों से जानकारी जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 7 मई के बाद वह कहां गया और किन परिस्थितियों में परिवार से उसका संपर्क टूट गया।
फिलहाल सुरेंद्र रविदास के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करते हुए लापता श्रमिक की तलाश कर रही है।


