Outsourced Employees: नोएडा प्राधिकरण के 5700 अस्थायी कर्मचारियों को मिलेगा ESI-EPF का लाभ, UPCOS से जोड़ने की तैयारी

Outsourced Employees: नोएडा प्राधिकरण के 5700 अस्थायी कर्मचारियों को मिलेगा ESI-EPF का लाभ, UPCOS से जोड़ने की तैयारी

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों और कार्यों में लगे करीब 5700 आउटसोर्स एवं अस्थायी कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इन कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति, वेतन और ईपीएफ-ईएसआई समेत वैधानिक सुविधाओं से जुड़ा रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम पर उपलब्ध होगा।

शासन की ओर से गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण को इस संबंध में आदेश भेजा गया। आदेश मिलने के बाद प्राधिकरण ने अपने सभी 10 वर्क सर्किल में कार्यरत अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों का पूरा ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों को 15 दिन के भीतर कर्मचारियों से संबंधित डेटा तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नोएडा प्राधिकरण के सिविल, जल, वन और सफाई समेत कई विभागों में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं। मौजूदा व्यवस्था में इन कर्मचारियों की सेवाएं अलग-अलग ठेकेदारों और सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से ली जाती हैं। इसके कारण कर्मचारियों के वेतन, उपस्थिति और वैधानिक लाभों से संबंधित रिकॉर्ड भी अलग-अलग स्तर पर संचालित होता है।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को यूपीसीओएस से जोड़ने के बाद उनका रिकॉर्ड एकीकृत डिजिटल सिस्टम पर दर्ज किया जाएगा। इसमें कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती से लेकर उपस्थिति, वेतन भुगतान और वैधानिक लाभों की जानकारी शामिल होगी।

इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई से संबंधित अंशदान की निगरानी भी होगा। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है कि कर्मचारियों के नाम पर निर्धारित अंशदान समय पर जमा हो और उन्हें इससे मिलने वाले लाभ उपलब्ध हो सकें।

नई व्यवस्था में कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई के अलावा नियमानुसार स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व अवकाश और आकस्मिक अवकाश जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने की भी उम्मीद है। कर्मचारियों के वेतन और वैधानिक सुविधाओं का रिकॉर्ड डिजिटल होने से वे अपनी सेवा से संबंधित जानकारी अधिक आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों का वेतन निर्धारित समय पर बैंक खाते में पहुंचाने और ईपीएफ-ईएसआई अंशदान जमा कराने की व्यवस्था पर भी निगरानी रहेगी। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से भुगतान में देरी या वैधानिक अंशदान से जुड़ी शिकायतों की जांच भी आसानी से की जा सकेगी।

नई प्रणाली लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन में ठेकेदारों की भूमिका सीमित होने की संभावना है। कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर रिकॉर्ड और सुविधाओं की निगरानी तक की प्रक्रिया यूपीसीओएस के निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी।

प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों के मानदेय, ईपीएफ, ईएसआई और अन्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतों में कमी आएगी। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

फिलहाल नोएडा प्राधिकरण के सभी 10 वर्क सर्किल से कर्मचारियों का विस्तृत डेटा जुटाया जा रहा है। निर्धारित 15 दिन की अवधि में यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। करीब 5700 कर्मचारियों को नई व्यवस्था से जोड़ना प्राधिकरण में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन को एकीकृत और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

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