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Medical Negligence: निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप, पैर गंवाने के बाद पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

Medical Negligence: निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप, पैर गंवाने के बाद पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल पर इलाज में कथित लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। दनकौर के नवादा गांव निवासी ओमवीर सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा, जबकि इलाज के नाम पर उनसे 8.20 लाख रुपये भी वसूले गए।

सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ओमवीर सिंह ने बताया कि अप्रैल 2026 में एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए करीब सात लाख रुपये जमा कराए। बाद में पैर में संक्रमण का हवाला देते हुए लगभग 1.20 लाख रुपये और जमा कराए गए। इस तरह इलाज पर कुल 8.20 लाख रुपये खर्च हो गए।

पीड़ित का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर लगातार संक्रमण बढ़ने की बात कहकर अतिरिक्त पैसे लेते रहे, लेकिन उपचार की सही जानकारी नहीं दी गई। शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनका पैर पूरी तरह ठीक हो जाएगा, लेकिन कुछ समय बाद अचानक पैर काटने की बात कह दी गई।

ओमवीर सिंह का कहना है कि बाद में दूसरे अस्पताल में जांच कराने पर पता चला कि पहले अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई थी। उनका आरोप है कि पैर में डाली गई रॉड सही तरीके से नहीं लगाई गई, जिससे संक्रमण बढ़ता गया और आखिरकार उनका पैर काटना पड़ा।

पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अस्पताल और चिकित्सकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उन्हें न केवल शारीरिक बल्कि आर्थिक और मानसिक नुकसान भी झेलना पड़ा है।

ओमवीर सिंह ने बताया कि वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। एक पैर कट जाने के बाद अब उनके लिए रोजगार करना बेहद कठिन हो गया है, जिससे पूरे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच के लिए पहले ही जिलाधिकारी की ओर से एक जांच समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक समिति की ओर से कोई रिपोर्ट या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की प्रक्रिया जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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