Medical Hub: जेवर में मेडिकल हब बनाने की तैयारी तेज, विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद अब जेवर को विश्वस्तरीय मेडिकल टूरिज्म, मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर रिसर्च के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित पांच रीजनल मेडिकल हब में से एक हब जेवर में स्थापित कराने की पहल की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया है।
विधायक की ओर से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार कराने की पहल भी की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, मेडिकल हब को केवल एक बड़े अस्पताल के रूप में विकसित करने के बजाय चिकित्सा, शिक्षा, शोध और मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी कई सुविधाओं को एक ही परिसर में विकसित करने की योजना है।
प्रस्तावित मेडिकल हब में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के साथ मेडिकल कॉलेज, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च सेंटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, आयुष सेंटर, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म, पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मरीजों को इलाज के साथ उपचार के बाद की देखभाल और पुनर्वास की सुविधाएं भी एक ही परिसर में मिल सकेंगी।
इस परियोजना को लेकर शुक्रवार शाम चार बजे लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई। विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि जेवर की भौगोलिक स्थिति इस परियोजना के लिए काफी अनुकूल है। यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उपलब्धता के साथ दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी और यमुना एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी है। इन सुविधाओं के कारण देश-विदेश से आने वाले मरीजों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए जेवर तक पहुंच आसान होगी।
विधायक ने कहा कि उनका लक्ष्य जेवर में ऐसा विश्वस्तरीय मेडिकल संस्थान स्थापित कराना है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं, तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करे। उन्होंने इसे एम्स नई दिल्ली से भी आगे की सुविधाओं वाला संस्थान बनाने की इच्छा जताई है।
मेडिकल हब बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। गौतमबुद्धनगर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य अनुसंधान, मेडिकल टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
