Metro Connectivity: नोएडा में L&T बनाएगी दोनों मेट्रो रूट, 2970 करोड़ की परियोजना से 5 लाख यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
Metro Connectivity: नोएडा में L&T बनाएगी दोनों मेट्रो रूट, 2970 करोड़ की परियोजना से 5 लाख यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति देने के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने दो महत्वपूर्ण मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए कंपनी का चयन कर लिया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) को दोनों मेट्रो रूटों के निर्माण की जिम्मेदारी दी जाएगी। टेंडर प्रक्रिया में कुल नौ कंपनियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें एलएंडटी का चयन किया गया। टेंडर क्लॉज के अनुसार कंपनी को जल्द ही कार्य आवंटित किया जाएगा और लगभग एक महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश ने बताया कि दोनों परियोजनाओं का निर्माण एलएंडटी करेगी, जबकि पूरे कार्य की निगरानी और सुपरविजन नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के पास रहेगा। दोनों मेट्रो लाइनें एलिवेटेड ट्रैक पर विकसित की जाएंगी, जिससे निर्माण कार्य अपेक्षाकृत तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
पहला और सबसे बड़ा कॉरिडोर सेक्टर-142 से सेक्टर-38ए बॉटनिकल गार्डन तक बनाया जाएगा। लगभग 11.56 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर आठ आधुनिक मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-44, सेक्टर-94, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन शामिल हैं। इस परियोजना पर लगभग 2254.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दूसरा कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी रेलवे स्टेशन तक बनाया जाएगा। करीब 2.6 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर जुनपत और बोडाकी नाम से दो नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 416 करोड़ रुपये होगी। यह विस्तार ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को रेलवे नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 5 लाख यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक मेट्रो लाइन बनने के बाद दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मजेंटा लाइन से आने वाले यात्री बिना अतिरिक्त परेशानी के सीधे एक्वा लाइन के जरिए ग्रेटर नोएडा तक यात्रा कर सकेंगे। वहीं बोडाकी तक मेट्रो विस्तार होने से भविष्य में रेलवे और मेट्रो नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। यह परियोजना क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम करने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।
