
Kaimur Power Crisis: कैमूर में बिजली संकट से 40 गांवों के ग्रामीण परेशान, अधिकारियों से नहीं हुई मुलाकात, आंदोलन की चेतावनी
बिहार के कैमूर जिले में बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अखिलासपुर पावर हाउस के अखिलासपुर फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों के लोगों ने लगातार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अनियमित आपूर्ति के विरोध में बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। इससे उपभोक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, बबुरा, अखिलासपुर, परसिया समेत कई गांवों के दर्जनों उपभोक्ता अपनी समस्याओं को लेकर पहले अखिलासपुर पावर हाउस पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने अधिकारियों के उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर उन्हें जिला विद्युत कार्यालय भेज दिया। ग्रामीण जब जिला कार्यालय पहुंचे तो वहां भी तकनीकी अधिकारी और ग्रामीण एसडीओ मौजूद नहीं मिले। काफी देर इंतजार के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी शिकायत नहीं सुनी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक महीने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। कई बार केवल कुछ मिनटों के लिए बिजली आती है और फिर लंबे समय तक सप्लाई बंद हो जाती है। लो-वोल्टेज की समस्या के कारण घरेलू उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। बिजली संकट के चलते पेयजल, शौचालय और दैनिक जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर छोटे कारोबार और कुटीर उद्योगों पर भी पड़ रहा है। आरओ वाटर प्लांट संचालक अतुल तिवारी समेत कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही समस्याओं का समाधान करने के लिए उपलब्ध रहते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, जब ग्रामीण एसडीओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फील्ड में होने की बात कहकर फोन काट दिया। वहीं कार्यपालक अभियंता के कार्यालय से यह संदेश मिला कि “साहेब अभी मीटिंग में व्यस्त हैं।” इस रवैये से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।





