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Parivartan Yojana: एनसीआर में शुरू हुई ‘परिवर्तन योजना’, पुराने वाहन बदलने पर 10 साल तक टैक्स छूट और कई बड़े लाभ

Parivartan Yojana: एनसीआर में शुरू हुई ‘परिवर्तन योजना’, पुराने वाहन बदलने पर 10 साल तक टैक्स छूट और कई बड़े लाभ

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘परिवर्तन योजना’ लागू कर दी है। इस योजना के तहत पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों एवं बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 (BS-6), सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक (EV) वाहनों को अपनाने के लिए वाहन स्वामियों को कई बड़े आर्थिक लाभ दिए जाएंगे। इनमें 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में छूट, पंजीकरण शुल्क में राहत, ब्याज अनुदान और वाहन खरीद पर विशेष छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

परिवहन विभाग के अनुसार यह योजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य एनसीआर में पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की संख्या कम करना और आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देना है। योजना का लाभ केवल दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत उन ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा, जिनके वाहन BS-I, BS-II, BS-III और BS-IV उत्सर्जन मानकों के अंतर्गत आते हैं।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी गौतमबुद्धनगर ने बताया कि योजना के तहत BS-III और उससे पुराने वाहनों को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। वहीं BS-IV वाहनों के मालिकों को दो विकल्प दिए गए हैं। वे चाहें तो वाहन को स्क्रैप करा सकते हैं या फिर उसे एनसीआर से बाहर किसी गैर-एनसीआर क्षेत्र में बेच सकते हैं। हालांकि दोनों ही स्थितियों में नया खरीदा जाने वाला वाहन BS-6 या उससे उच्च उत्सर्जन मानक वाला अथवा इलेक्ट्रिक वाहन होना चाहिए और उसका पंजीकरण एनसीआर में होना अनिवार्य रहेगा।

योजना के तहत सबसे बड़ा लाभ उन वाहन स्वामियों को मिलेगा जो अपने पुराने वाहन को स्क्रैप कराकर नया BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेंगे। ऐसे वाहन मालिकों को 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में छूट मिलेगी। इसके अलावा नए वाहन के पंजीकरण पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन शुल्क भी पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। इससे नए वाहन खरीदने की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

यदि कोई वाहन स्वामी अपने BS-IV वाहन को स्क्रैप कराने के बजाय गैर-एनसीआर क्षेत्र में बेचता है और उसके बाद नया वाहन खरीदता है, तो उसे 10 वर्षों तक 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे वाहन मालिकों को पुराने वाहनों का उचित विकल्प मिलेगा और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में तेजी आएगी।

योजना में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि जिन वाहन मालिकों के पास स्क्रैपिंग प्रमाण-पत्र (Certificate of Deposit) होगा, उन्हें नया वाहन खरीदने पर एक वर्ष से अधिक पुराने बकाया मोटर वाहन कर और उस पर लगी शास्ति (Penalty) से भी पूरी तरह राहत दी जाएगी। इससे पुराने लंबित मामलों का निपटारा आसान होगा और वाहन मालिकों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।

वाहन निर्माता कंपनियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। नई गाड़ी खरीदने पर कंपनियां 8 प्रतिशत तक अग्रिम छूट देंगी। इसके अलावा जो वाहन स्वामी तत्काल नया वाहन नहीं खरीदना चाहते, वे अपने स्क्रैपिंग प्रमाण-पत्र का हस्तांतरण (ट्रेडिंग) भी कर सकेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

सरकार ने डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। पात्र वाहन मालिकों को पांच वर्षों तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। साथ ही मासिक ईंधन वाउचर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वाहन संचालन की लागत कम करने में मदद मिलेगी।

परिवहन विभाग ने सभी पात्र वाहन स्वामियों से अपील की है कि अधिसूचना जारी होने की तिथि से दो वर्षों के भीतर अपने पुराने वाहनों का प्रतिस्थापन कर इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। विभाग का कहना है कि यह योजना न केवल वाहन मालिकों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

यदि किसी वाहन स्वामी को योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया या अन्य किसी प्रकार की जानकारी चाहिए तो वह अपने निकटतम क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO/ARTO) से संपर्क कर सकता है।

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