Noida Airport Jobs: एयरपोर्ट पर स्थाई नौकरी की मांग को लेकर जेवर तहसील पर युवाओं का प्रदर्शन

Noida Airport Jobs: एयरपोर्ट पर स्थाई नौकरी की मांग को लेकर जेवर तहसील पर युवाओं का प्रदर्शन
नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थाई रोजगार की मांग को लेकर सोमवार को प्रभावित किसान परिवारों के युवाओं ने जेवर तहसील पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने एयरलाइंस, यापल (YAPL) और नायल (NIAL) की ओर से स्थाई नौकरी के ऑफर लेटर जारी करने की मांग उठाई। युवाओं का कहना है कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन देने के बदले उन्हें रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन अब उन्हें स्थाई नौकरी के बजाय संविदा और वेंडर कंपनियों के माध्यम से नियुक्ति की पेशकश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जेवर क्षेत्र के 335 किसान परिवारों के युवाओं ने मुआवजे के साथ रोजगार का विकल्प चुना था। उस समय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से भरोसा दिलाया गया था कि पात्र युवाओं को एयरपोर्ट परियोजना में रोजगार मिलेगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अब उन्हें पहले किए गए वादों के अनुरूप अवसर नहीं दिए जा रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल युवा अजीत कुमार और चांद मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने एयरलाइंस, यापल और नायल की ओर से सीधे ऑफर लेटर की मांग की थी। हालांकि अधिकारियों ने ऐसा संभव न होने की बात कही और एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उनका आरोप है कि अब एयरलाइंस की बजाय निजी वेंडर कंपनियां इंटरव्यू के लिए ईमेल भेज रही हैं, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ गया है।
कई युवाओं को ऑफर लेटर भी प्राप्त हुए हैं, लेकिन उनमें कई नियम और शर्तें शामिल हैं तथा अधिकांश नियुक्तियां संविदा आधारित हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने जमीन स्थाई रोजगार के भरोसे पर दी थी, इसलिए उन्हें भी स्थाई नौकरी मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि संविदा पर नियुक्ति भविष्य की सुरक्षा की गारंटी नहीं देती।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने युवाओं से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना। जेवर के एसडीएम दुर्गेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को एयरलाइंस की ओर से ऑफर लेटर दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित परिवारों के युवाओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि रोजगार का वादा पूरा होना चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो सके।





