Joe Root Record: सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटा, जो रूट बने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज
बर्मिंघम। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में रूट ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलते हुए भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। रूट अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट की चौथी पारी में इंग्लैंड को जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य छोटा था, लेकिन पाकिस्तान ने शुरुआत में ही दो विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बनाने की कोशिश की।
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने केवल दो रन के स्कोर पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाज गंवा दिए। मोहम्मद अब्बास ने पहले ही ओवर में इंग्लैंड को दो बड़े झटके देकर पाकिस्तान की उम्मीदें जगा दीं।
इस मुश्किल स्थिति में कप्तान जो रूट और जॉर्डन कॉक्स ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती दबाव को खत्म करते हुए इंग्लैंड की पारी को संभाला और पाकिस्तान के गेंदबाजों को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
रूट ने अपनी पारी के दौरान जैसे ही अर्धशतक पूरा किया, टेस्ट क्रिकेट का एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो गया। यह उनके टेस्ट करियर का 69वां अर्धशतक था।
इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने अपने 24 साल लंबे टेस्ट करियर में 68 अर्धशतक लगाए थे।
जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में 66 रनों की पारी खेलकर सचिन के 68 टेस्ट अर्धशतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
इसके बाद एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट में उन्होंने एक और अर्धशतक लगाकर सचिन को पीछे छोड़ दिया और 69 अर्धशतकों के साथ इस सूची में अकेले शीर्ष पर पहुंच गए।
सचिन तेंदुलकर ने 1989 से 2013 के बीच 200 टेस्ट मैच खेले थे। इस दौरान उन्होंने 68 अर्धशतक और 51 शतक लगाए थे। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 15,921 रन दर्ज हैं।
रूट पिछले कई वर्षों से सचिन के टेस्ट क्रिकेट से जुड़े बड़े रिकॉर्ड्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। अब सबसे ज्यादा टेस्ट अर्धशतक का रिकॉर्ड अपने नाम करके उन्होंने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है।
पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में रूट केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने टीम को मुश्किल स्थिति से निकालकर जीत तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रूट ने नाबाद 62 रनों की पारी खेली। उनके साथ जॉर्डन कॉक्स ने भी नाबाद 59 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 128 रनों की अटूट साझेदारी करते हुए पाकिस्तान की शुरुआती सफलता को बेअसर कर दिया।
इंग्लैंड ने 130 रनों का लक्ष्य केवल दो विकेट खोकर हासिल कर लिया और मुकाबला आठ विकेट से अपने नाम किया।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान का 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। पाकिस्तान को पूरी सीरीज में एक भी टेस्ट जीतने में सफलता नहीं मिली।
तीसरे टेस्ट की आखिरी पारी की शुरुआत ने हालांकि इंग्लैंड को कुछ समय के लिए परेशानी में डाल दिया था। मोहम्मद अब्बास ने शुरुआती ओवर में दो विकेट लेकर मेजबान टीम पर दबाव बनाया।
लेकिन रूट और कॉक्स ने इसके बाद पाकिस्तान को कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं करने दी। दोनों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए धीरे-धीरे लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।
रूट को अपनी पारी के दौरान किस्मत का साथ भी मिला। एक मौके पर वह बोल्ड हो गए थे, लेकिन गेंद नो-बॉल निकली और उन्हें जीवनदान मिल गया। इसके बाद उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए अपनी पारी आगे बढ़ाई।
रूट ने अर्धशतक पूरा करने के साथ टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने का नया रिकॉर्ड बना दिया। उनके नाम अब 69 टेस्ट अर्धशतक हो गए हैं।
इस सूची में सचिन तेंदुलकर अब 68 अर्धशतकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल के नाम 66 टेस्ट अर्धशतक दर्ज हैं।
जो रूट की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने सचिन की तुलना में काफी कम टेस्ट मैचों में इस रिकॉर्ड तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।
रूट ने 2012 में इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद वह लगातार इंग्लैंड की बल्लेबाजी के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में शामिल रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में रूट ने टेस्ट क्रिकेट में लगातार बड़े स्कोर बनाए हैं और कई महान बल्लेबाजों के रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
सचिन तेंदुलकर के नाम अभी भी टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए थे।
रूट भी सचिन के सर्वाधिक टेस्ट रनों के रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में क्रिकेट जगत में लंबे समय से यह चर्चा चल रही है कि क्या इंग्लैंड का यह बल्लेबाज भविष्य में सचिन के सबसे बड़े टेस्ट रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ पाएगा।
फिलहाल रूट ने अर्धशतकों के मामले में सचिन को पीछे छोड़कर इतिहास रच दिया है। यह रिकॉर्ड पिछले 13 वर्षों से सचिन तेंदुलकर के नाम था।
पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में रूट की बल्लेबाजी के साथ उनकी कप्तानी भी चर्चा में रही। इंग्लैंड ने तीनों मुकाबले जीतकर पाकिस्तान का पूरी तरह सफाया कर दिया।
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने दूसरी पारी में बेहतर संघर्ष करते हुए इंग्लैंड के सामने 130 रनों का लक्ष्य रखा था। शान मसूद, बाबर आजम, अजान अवैस और डेब्यू कर रहे रजाउल्लाह ने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
रजाउल्लाह ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 63 गेंदों में 81 रन बनाए और नौ छक्के जड़े। उनकी पारी के कारण पाकिस्तान मैच में वापसी करने में सफल रहा, लेकिन इंग्लैंड को दिया गया 130 रनों का लक्ष्य अंततः पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
इंग्लैंड ने दो शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद रूट और कॉक्स की शानदार साझेदारी की बदौलत लक्ष्य हासिल कर लिया।
रूट ने नाबाद 62 रन बनाकर एक तरफ अपनी टीम को आठ विकेट से जीत दिलाई तो दूसरी तरफ टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी बड़ा बदलाव कर दिया।
अब टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के बजाय जो रूट के नाम दर्ज हो गया है। 69 अर्धशतकों के साथ रूट इस सूची में नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं और उनके पास अपने इस रिकॉर्ड को आगे और मजबूत करने का मौका रहेगा।


