BRICS Summit 2026: पुतिन-जिनपिंग की सुरक्षा के लिए किले में तब्दील होगी दिल्ली, चार लेयर का सिक्योरिटी घेरा; हजारों जवान रहेंगे तैनात
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में होने जा रहे BRICS Summit 2026 को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की जा रही है। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने वाले होटल से लेकर उनके यात्रा मार्ग और सम्मेलन स्थल तक कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। उनके दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में ठहरने की संभावना को देखते हुए होटल और आसपास के क्षेत्र में चार लेयर का सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां होटल के भीतर से लेकर आसपास की सड़कों और महत्वपूर्ण स्थानों तक लगातार निगरानी रखेंगी।
पहले सुरक्षा घेरे में रूसी राष्ट्रपति की अपनी विशेष सुरक्षा टीम मौजूद रहेगी। पुतिन की व्यक्तिगत सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी मानी जाती है और विदेश यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा टीम अपने स्तर पर कई प्रोटोकॉल का पालन करती है।
इसके बाद अन्य स्तरों पर भारतीय केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। होटल के प्रवेश और निकास द्वार से लेकर आसपास की सड़कों तक सुरक्षा के अलग-अलग घेरे बनाए जाएंगे।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा को लेकर भी इसी तरह व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। चीनी राष्ट्रपति के साथ आने वाली सुरक्षा टीम भारतीय एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करेगी। उनके ठहरने के स्थान और वहां से सम्मेलन स्थल तक जाने वाले मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
BRICS सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। ऐसे में केवल पुतिन और शी जिनपिंग ही नहीं, बल्कि दूसरे विदेशी मेहमानों के लिए भी उनके खतरे के आकलन और प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने सम्मेलन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ानी शुरू कर दी है। विदेशी प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटल, सम्मेलन स्थल, एयरपोर्ट और निर्धारित यात्रा मार्ग विशेष निगरानी में रहेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग राष्ट्राध्यक्षों के काफिलों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के साथ राजधानी की सामान्य यातायात व्यवस्था को संभालना भी है। इसके लिए अलग-अलग रूट प्लान तैयार किए जा रहे हैं।
VIP मूवमेंट के दौरान संबंधित सड़कों पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। सुरक्षा कारणों से काफिलों के वास्तविक समय और यात्रा से संबंधित संवेदनशील जानकारी को सीमित रखा जाएगा।
दिल्ली पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सम्मेलन की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहेंगी। अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए पहले से बैठकें और सुरक्षा अभ्यास किए जा रहे हैं।
होटलों की सुरक्षा इस पूरे ऑपरेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। जिन होटलों में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल रुकेंगे, वहां प्रवेश करने वाले लोगों की जांच और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
होटल के कर्मचारियों और आयोजन से जुड़े दूसरे लोगों का सत्यापन भी सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। अनधिकृत व्यक्ति को संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
सम्मेलन स्थल पर भी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। प्रवेश केवल अधिकृत पास और निर्धारित सुरक्षा जांच के बाद ही संभव होगा। प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के लिए अलग व्यवस्था तैयार की जा रही है।
दिल्ली के महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जा रही है। रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल, बाजार और पर्यटन स्थलों जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी कड़ी की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है। CCTV कैमरों और अन्य निगरानी प्रणालियों के जरिए महत्वपूर्ण स्थानों और रास्तों पर नजर रखी जाएगी।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की विदेश यात्राओं के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था हमेशा चर्चा में रहती है। उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा टीम बेहद सख्त प्रोटोकॉल का पालन करती है। दिल्ली दौरे के दौरान भी रूसी सुरक्षा अधिकारी भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे सुरक्षा ढांचे को लागू करेंगे।
इसी तरह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए भी चीन की अपनी सुरक्षा टीम मौजूद रहेगी। भारतीय एजेंसियां विदेशी सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा उपलब्ध कराएंगी।
BRICS Summit 2026 की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस पहले से तैयारियों में जुटी हुई है। आयोजन से पहले संवेदनशील स्थानों की जांच, रूट सर्वे और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
होटल और सम्मेलन स्थल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ आसपास की ऊंची इमारतों और महत्वपूर्ण स्थानों को भी सुरक्षा योजना में शामिल किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार इन जगहों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
सम्मेलन के दौरान दिल्ली में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रहेगी। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थलों तक पूरे मूवमेंट को सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है।
BRICS सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस और चीन जैसे प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी के कारण पूरी दुनिया की नजर दिल्ली में होने वाली बैठकों और बातचीत पर रहेगी।
ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्तर पर जोखिम नहीं लेना चाहतीं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सम्मेलन शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। खास तौर पर पुतिन और शी जिनपिंग के लिए तैयार किए जा रहे बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे के कारण उनके ठहरने वाले स्थान और यात्रा मार्ग अभेद्य सुरक्षा दायरे में रहेंगे।


