Greater Noida Issues: अधिवक्ताओं ने उठाया तिलपता में जलभराव, सेक्टर-37 के खेल मैदान और युवाओं के रोजगार का मुद्दा
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में किसानों, ग्रामीणों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं ने आवाज उठाई है। अल्फा-1 स्थित प्रेस क्लब ऑफ भारत में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश भाटी ने तिलपता गांव में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या, सेक्टर-37 के खेल मैदान को बचाने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों के परिवारों के युवाओं को रोजगार देने की मांग की। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उमेश भाटी ने कहा कि तिलपता गांव का मुख्य मार्ग पिछले छह-सात वर्षों से जलभराव की समस्या से प्रभावित है। इस मार्ग से तिलपता के अलावा आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों का आवागमन होता है। सड़क पर पानी जमा रहने के कारण ग्रामीणों और यहां से गुजरने वाले अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और विभागों के सामने कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की कि जल निकासी की उचित व्यवस्था तैयार कर मुख्य मार्ग को जलभराव से मुक्त किया जाए। समस्या का समाधान नहीं होने की स्थिति में ग्रामीणों के साथ पानी में बैठकर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेक्टर-37 स्थित खेल मैदान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उमेश भाटी ने कहा कि इस मैदान में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। इनमें सेना और पुलिस की भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा भी शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग खेल मैदान की जमीन को दूसरे उपयोग में लेने का प्रयास कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने मांग की कि मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को अभ्यास के लिए उपलब्ध स्थान से वंचित न होना पड़े।
इस मामले में हॉकी एसोसिएशन और कुछ अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। अधिवक्ताओं ने संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जगत फार्म क्षेत्र से जुड़ा मामला भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया। अधिवक्ताओं ने आबादी की जमीन पर बाजार विकसित किए जाने तथा वहां व्यावसायिक भवनों के निर्माण और बिक्री में कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जमीन के उपयोग और निर्माण से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित किसानों और उनके परिवारों का मुद्दा उठाते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रभावित परिवारों को घोषित लाभ समय पर मिलने चाहिए। विशेष रूप से किसान परिवारों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों और उनके परिवारों के हितों का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव धीरेन्द्र भाटी ने कहा कि इन मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों और प्राधिकरण के सामने आवाज उठाई जाएगी। यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर गांव-गांव जाकर लोगों को इन मुद्दों से जोड़ा जाएगा और ग्रामीणों के सहयोग से आंदोलन चलाया जाएगा। अधिवक्ताओं ने प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों से तिलपता की जलभराव समस्या का स्थायी समाधान करने, सेक्टर-37 के खेल मैदान को सुरक्षित रखने, जगत फार्म से जुड़े आरोपों की जांच कराने और एयरपोर्ट प्रभावित किसान परिवारों के युवाओं के रोजगार से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की है।


