Liquor Smuggling: समस्तीपुर में AC फर्स्ट क्लास से 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद, नेहा झा और ईशान गिरफ्तार; नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

Liquor Smuggling: समस्तीपुर में AC फर्स्ट क्लास से 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद, नेहा झा और ईशान गिरफ्तार; नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

समस्तीपुर। शराबबंदी वाले बिहार में ट्रेन के AC फर्स्ट क्लास कोच से बड़ी मात्रा में ब्रांडेड शराब बरामद होने का मामला सामने आया है। समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर RPF और क्राइम इंटेलिजेंस ब्यूरो (CIB) की संयुक्त कार्रवाई में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। मामले में समस्तीपुर की रहने वाली नेहा झा और उसके साथ यात्रा कर रहे ईशान कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और बिहार में इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी।

मामला उस समय सामने आया जब रेलवे सुरक्षा बल को गुप्त सूचना मिली कि नई दिल्ली से जयनगर जा रही ट्रेन संख्या 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कोच में बड़ी मात्रा में शराब ले जाई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद RPF और CIB की टीम सक्रिय हुई और समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने का इंतजार किया गया। ट्रेन स्टेशन पर पहुंचते ही टीम ने AC फर्स्ट क्लास के H-1 कोच की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस टीम एक बंद कूपे तक पहुंची। दरवाजा खुलवाने के बाद अंदर मौजूद यात्रियों और उनके सामान की जांच की गई।

पुलिस के मुताबिक कूपे में नेहा झा और ईशान कुमार मौजूद थे। उनके पास रखे दो सूटकेस की तलाशी लेने पर बड़ी संख्या में महंगी ब्रांडेड शराब की बोतलें बरामद हुईं।

बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 75 लीटर बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद दोनों को ट्रेन से नीचे उतार लिया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

रेलवे स्टेशन पर शराब की बोतलों की गिनती और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को GRP के हवाले कर दिया गया। इसके बाद मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार युवती की पहचान नेहा झा के रूप में हुई है। वह समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव की रहने वाली बताई गई है। उसके साथ पकड़ा गया ईशान कुमार हरियाणा के करनाल का रहने वाला बताया गया है।

जांच में यह बात भी सामने आई कि दोनों के पास संबंधित AC फर्स्ट क्लास यात्रा के लिए वैध टिकट नहीं था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वे फर्स्ट AC कूपे तक कैसे पहुंचे और वहां यात्रा किस तरह कर रहे थे।

पूछताछ के दौरान नेहा ने दावा किया कि शराब हरियाणा से खरीदी गई थी और इसे एक शादी समारोह के लिए बिहार लाया जा रहा था। हालांकि जांच एजेंसियां उसके इस दावे की भी पुष्टि कर रही हैं।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 75 लीटर शराब वास्तव में किसी शादी समारोह के लिए लाई जा रही थी या इसके पीछे संगठित शराब सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था।

जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शराब हरियाणा में किस स्थान से खरीदी गई और इसे बिहार तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था किसने की थी।

मामला सामने आने के बाद नेहा का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुईं। गिरफ्तारी के दौरान उसके शांत व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

हालांकि पुलिस की जांच का फोकस सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं के बजाय शराब की सप्लाई से जुड़े वास्तविक नेटवर्क और उपलब्ध साक्ष्यों पर है।

जांच में यह दावा भी सामने आया है कि नेहा के संपर्क कुछ डॉक्टरों और प्रभावशाली लोगों से हो सकते हैं। पुलिस अब इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद शराब की डिलीवरी किन लोगों तक पहुंचनी थी।

जांच एजेंसियां नेहा और ईशान के मोबाइल फोन तथा डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। कॉल रिकॉर्ड और उपलब्ध मैसेजिंग डेटा से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यात्रा से पहले और दौरान दोनों किन लोगों के संपर्क में थे।

पुलिस के लिए मोबाइल फोन की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शराब की कथित सप्लाई चेन और संभावित खरीदारों के बारे में सुराग मिल सकते हैं।

जांच के दौरान नेहा के पारिवारिक बैकग्राउंड से जुड़ी कुछ जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके परिवार के कुछ सदस्यों का नाम पहले भी शराब से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है।

नेहा के पिता संजय झा को भी पहले शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पुराने रिकॉर्ड का भी अध्ययन कर रही है।

इसके अलावा नेहा की बड़ी बहन निशु झा को भी नवंबर 2025 में विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। उस मामले में भी कानूनी कार्रवाई की गई थी।

परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ पहले शराब से जुड़े मामले सामने आने के कारण जांच एजेंसियां मौजूदा मामले को केवल एक बार की घटना मानकर नहीं चल रही हैं।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं परिवार या परिचितों से जुड़ा कोई बड़ा शराब सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण दूसरे राज्यों से अवैध तरीके से शराब लाने और बेचने वाले नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जाती रही है। इसके बावजूद अलग-अलग माध्यमों से शराब की तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं।

इस मामले में AC फर्स्ट क्लास कोच और महंगे सूटकेस का इस्तेमाल होने के कारण जांच एजेंसियां यह भी समझने की कोशिश कर रही हैं कि क्या भीड़ और सामान्य जांच से बचने के उद्देश्य से इस तरह की यात्रा का तरीका अपनाया गया था।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले नेहा या उसके साथ जुड़े लोगों ने इसी तरह ट्रेन के जरिए शराब की खेप बिहार पहुंचाई थी या नहीं।

दोनों आरोपियों की यात्रा से संबंधित पुरानी जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि दिल्ली, हरियाणा और बिहार के बीच उनकी आवाजाही कितनी बार हुई थी।

बरामद शराब की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। अलग-अलग ब्रांड की बोतलें मिलने के कारण पुलिस शराब की खरीद से संबंधित स्रोत का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।

जांच में यदि किसी दुकान, सप्लायर या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

नेहा के डॉक्टरों और प्रभावशाली लोगों से कथित संपर्क की बात भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। हालांकि इन संपर्कों का शराब तस्करी से वास्तविक संबंध था या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस फिलहाल किसी व्यक्ति को केवल संपर्क होने के आधार पर इस नेटवर्क का हिस्सा नहीं मान रही है। डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही संबंधित लोगों की भूमिका तय की जाएगी।

जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि 75 लीटर शराब की अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी, इसका भुगतान किसने किया था और इसे बिहार तक पहुंचाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

नेहा और ईशान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे कथित सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड से मिलने वाली जानकारी इस जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस शराब की खरीद, परिवहन और संभावित डिलीवरी से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है।

समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर AC फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर ब्रांडेड शराब मिलने के इस मामले ने बिहार में शराब की अवैध सप्लाई के तरीकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि शराब वास्तव में शादी के लिए लाई जा रही थी या इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क सक्रिय था।

 

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