INS Sudarshini: लिस्बन से रवाना हुआ भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत, भारत-पुर्तगाल नौसैनिक रिश्तों को मिली नई मजबूती
नई दिल्ली, 26 अगस्त। भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल के लिस्बन में तीन दिवसीय पोर्ट कॉल पूरा करने के बाद 25 अगस्त को अपनी आगे की समुद्री यात्रा के लिए रवाना हो गया। यह यात्रा भारतीय नौसेना के ‘लोकायन-26’ ट्रांसओशनिक अभियान का हिस्सा है। लिस्बन प्रवास के दौरान भारत और पुर्तगाल की नौसेनाओं के बीच प्रशिक्षण, समुद्री कौशल और पेशेवर सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण संवाद हुआ।
आईएनएस सुदर्शिनी की लिस्बन यात्रा ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। पोर्ट कॉल के दौरान भारतीय नौसेना के अधिकारियों और प्रशिक्षुओं ने पुर्तगाली नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशिक्षण संस्थानों के साथ संवाद किया।
आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल मिगुएल बेसा पचेको से मुलाकात की। इस दौरान नौसैनिक प्रशिक्षण और दोनों देशों के बीच पेशेवर सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
कमांडिंग ऑफिसर ने पुर्तगाली नौसेना के डिप्टी फ्लीट कमांडर रियर एडमिरल जोआओ पाउलो सिल्वा परेरा के साथ भी मुलाकात की। इन उच्चस्तरीय मुलाकातों ने दोनों नौसेनाओं को समुद्री प्रशिक्षण और आपसी सहयोग से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर दिया।
भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने पुर्तगाली नौसेना अकादमी का दौरा भी किया। यहां उन्होंने अकादमी में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं, नौसैनिक शिक्षा व्यवस्था और समुद्री प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी हासिल की। इस दौरान दोनों देशों के प्रशिक्षुओं और अधिकारियों के बीच पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान का भी अवसर मिला।
आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना के लिए पाल प्रशिक्षण पोत के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लंबी समुद्री यात्राओं के दौरान नौसैनिक प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों में नौवहन, जहाज संचालन, टीमवर्क और समुद्री कौशल का अनुभव प्राप्त होता है।
‘लोकायन-26’ ट्रांसओशनिक अभियान भी इसी प्रशिक्षण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान प्रशिक्षुओं को अलग-अलग समुद्री परिस्थितियों का सामना करने और अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर अन्य देशों की नौसेनाओं के साथ संवाद करने का अवसर मिलता है।
लिस्बन के साथ पोंटा डेलगाडा की यात्रा ने भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री साझेदारी को और मजबूत किया है। इस तरह की पोर्ट कॉल यात्राएं दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध बढ़ाने के साथ प्रशिक्षण और समुद्री अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।
आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा भारत की समुद्री कूटनीति और मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशिक्षण, संवाद और पेशेवर आदान-प्रदान के जरिए दोनों देशों के नौसैनिक संबंधों को भविष्य में और मजबूत करने की उम्मीद है।


