INS Sudarshini: अजोरेस में नौसैनिक दोस्ती का संदेश, आईएनएस सुदर्शिनी लिस्बन के लिए रवाना
नई दिल्ली, 17 अगस्त। भारतीय नौसेना के पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने पुर्तगाल के अजोरेस स्थित पोंटा डेलगाडा में अपना पोर्ट कॉल पूरा कर लिया है। 16 अगस्त को पोर्ट कॉल के समापन के बाद पोत अब लिस्बन के लिए रवाना हो चुका है। ‘लोकायन-2026’ के तहत हुई इस यात्रा का उद्देश्य भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री सहयोग, पेशेवर संबंधों और आपसी सौहार्द को मजबूत करना रहा।
पोंटा डेलगाडा में आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा के दौरान भारतीय और पुर्तगाली नौसेनाओं के बीच विभिन्न पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के जरिए दोनों देशों के नौसैनिकों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और समुद्री परंपराओं को समझने का अवसर मिला। यात्रा के दौरान नौसैनिक सहयोग के साथ दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और आपसी संबंधों को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
पुर्तगाली नौसेना के पाल प्रशिक्षण पोत एनआरपी साग्रेस पर आईएनएस सुदर्शिनी के दल का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इसके अलावा आईएनएस सुदर्शिनी पर भी सैन्य अधिकारियों, राजनयिकों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने समुद्री सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का आयोजन भी आईएनएस सुदर्शिनी पर विशेष उत्साह और देशभक्ति के साथ किया गया। 15 अगस्त को पोत को तिरंगे के रंगों से सजाया गया और ‘कलर्स सेरेमनी’ आयोजित की गई। पोत पर मौजूद नौसैनिक अधिकारियों और अन्य सदस्यों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लिया और देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त किया।
पोंटा डेलगाडा में कार्यक्रमों के समापन के बाद आईएनएस सुदर्शिनी लिस्बन के लिए रवाना हो गया है। यात्रा के अगले चरण में भी भारत और पुर्तगाल की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संपर्क और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
21 अगस्त को समुद्र में आईएनएस सुदर्शिनी और एनआरपी साग्रेस के बीच संयुक्त पैसेज एक्सरसाइज प्रस्तावित है। इस अभ्यास में पाल संचालन, समन्वित युद्धाभ्यास और संचार अभ्यास जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं की परिचालन क्षमता, समुद्री समन्वय और आपसी तालमेल को और मजबूत करना है।
आईएनएस सुदर्शिनी की ‘लोकायन-2026’ यात्रा भारत की समुद्री कूटनीति और नौसैनिक संपर्क को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। पाल प्रशिक्षण पोत के जरिए होने वाली ऐसी यात्राओं में सैन्य प्रशिक्षण के साथ सांस्कृतिक और पेशेवर आदान-प्रदान को भी महत्व दिया जाता है। इससे मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ाने में मदद मिलती है।
अजोरेस में पोर्ट कॉल के दौरान हुए कार्यक्रमों और आगामी संयुक्त पैसेज एक्सरसाइज के जरिए भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। आईएनएस सुदर्शिनी की लिस्बन यात्रा और आगे होने वाली संयुक्त गतिविधियां दोनों देशों के नौसैनिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।


