Indian Coast Guard National Security: राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है ICG, राजनाथ सिंह

Indian Coast Guard National Security: राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है ICG, राजनाथ सिंह
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) आज देश की समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा का एक सशक्त आधार बन चुका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि आईसीजी अपने शौर्य, वीरता और बलिदान के दम पर राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बन गया है। उन्होंने कहा कि यह संगठन न केवल समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करता है, बल्कि मानवता की सेवा और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल देश की सुरक्षा से जुड़े संगठनों में सबसे युवा है, लेकिन इसके योगदान ने इसे विश्व के अग्रणी तटरक्षक बलों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। करीब पांच दशक पहले स्थापित आईसीजी आज भारत के विशाल समुद्र तटों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा है।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आईसीजी आतंकवाद, समुद्री डकैती, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगा रहा है। इसके साथ ही समुद्री पर्यावरण के संरक्षण और मित्र देशों को प्रशिक्षण देने के माध्यम से भारत की वैश्विक छवि को भी मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि तटरक्षक बल चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समय पर सतर्क करता है और समुद्र में फंसे लोगों के लिए आपातकालीन चिकित्सा निकासी जैसे कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम देता है।
समारोह के दौरान रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल के स्वर्ण जयंती लोगो का अनावरण किया। यह लोगो 50 वर्षों की अटूट सतर्कता, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सेवा का प्रतीक है। इसके साथ ही आईसीजी के 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया, जो भारत के समुद्री हितों की रक्षा में तटरक्षक बल की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देता है।
इस अवसर पर संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि एवीएसएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने आईसीजी के योगदान की सराहना करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
50वें स्थापना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर एक गंभीर पुष्पांजलि समारोह भी आयोजित किया गया। आईसीजी के महानिदेशक के नेतृत्व में एक मिनट का मौन रखा गया, जो देश की ओर से शहीदों के प्रति गहरे सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाता है।
भारतीय तटरक्षक बल की यह स्वर्ण जयंती न केवल उसके गौरवशाली अतीत की याद दिलाती है, बल्कि आने वाले वर्षों में समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता के क्षेत्र में और अधिक सशक्त भूमिका निभाने का संकल्प भी मजबूत करती है।





