Jewar Airport Connectivity: नोएडा में 30 किमी लंबा सिक्स लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनेगा, 4000 करोड़ की परियोजना
नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एक बड़ी आधारभूत संरचना परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) यमुना तटबंध के किनारे करीब 30 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना को पहले ही नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कंसल्टेंट कंपनी Almondz Global Infra के प्रतिनिधियों ने मंगलवार से प्रस्तावित रूट का भौतिक निरीक्षण शुरू कर दिया है। निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ पूरे रूट का अध्ययन करेंगे और नोएडा प्राधिकरण व यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर तकनीकी और डिजाइन संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। परियोजना का उद्देश्य नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तक दिल्ली और नोएडा से सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सकेगा। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनने के बाद ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा इस नए मार्ग पर शिफ्ट हो जाएगा।
परियोजना की लागत को नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे। कुल 30 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे में लगभग 23 किलोमीटर हिस्सा नोएडा क्षेत्र में पड़ेगा।
यह पूरी तरह छह लेन का एलिवेटेड रोड होगा और इसमें तीन प्रमुख लूप बनाए जाएंगे ताकि अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों को आसान प्रवेश और निकास मिल सके। पहला लूप सेक्टर-168 में फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद मार्ग (एफएनजी) से जुड़ेगा। दूसरा लूप सेक्टर-150 के पास सेक्टर-149ए और सेक्टर-150 के बीच 75 मीटर चौड़ी सड़क से कनेक्टिविटी देगा। तीसरा लूप परी चौक से इस एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा।
यह एलिवेटेड रोड ओखला बैराज से शुरू होकर हरनंदी और यमुना नदी के किनारे होते हुए गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सामने घरबरा गांव के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
कृष्णा करुणेश ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाला ट्रैफिक काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही आगरा और लखनऊ की दिशा में जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा और अन्य शहरों की ओर जाने वाले वाहनों को नोएडा शहर के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे यमुना तटबंध एलिवेटेड मार्ग से गुजरने की सुविधा देगा। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
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