Army Athletes: सेना के खिलाड़ियों ने ग्लासगो में रचा स्वर्णिम इतिहास, 16 पदकों में 8 गोल्ड
नई दिल्ली, 14 अगस्त। ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सेना के 15 खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। भारतीय सेना के खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में देश की मजबूत मौजूदगी को और प्रभावशाली बनाया।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक हासिल किए, जिनमें सेना के खिलाड़ियों के खाते में 16 पदक रहे। भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से आठ स्वर्ण पदक सेना के खिलाड़ियों ने जीते। इससे भारतीय दल में सेना के खिलाड़ियों के योगदान का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बॉक्सिंग में सेना के खिलाड़ियों का प्रदर्शन विशेष रूप से शानदार रहा। सेना ने इस खेल में छह स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। मुक्केबाजी में खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय दल की पदक तालिका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जूडो में हवलदार हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बन गए। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय जूडो के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
एथलेटिक्स में नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 10,000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही वह एक ही राष्ट्रमंडल खेल में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बनने की उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे।
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भारतीय सेना और देश के लिए गौरव का विषय बताया।
खिलाड़ियों ने बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धियों और प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन की सराहना की गई। सेना के खिलाड़ियों की सफलता ने यह भी दिखाया कि सैन्य प्रशिक्षण और खेलों के बीच बेहतर तालमेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।
राष्ट्रमंडल खेलों में सेना के खिलाड़ियों की उपलब्धि केवल पदकों तक सीमित नहीं है। आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक के साथ उन्होंने भारतीय खेलों में सेना के योगदान को मजबूती से सामने रखा है। बॉक्सिंग, जूडो और एथलेटिक्स में मिली उपलब्धियों ने युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।

