Indian Army: ‘जय’ से ‘विजय’ होगा भारतीय सेना का मार्गदर्शक मंत्र : सेना प्रमुख

Indian Army: ‘जय’ से ‘विजय’ होगा भारतीय सेना का मार्गदर्शक मंत्र : सेना प्रमुख

नई दिल्ली, 1 जुलाई : भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख का पदभार संभालने के एक दिन बाद जनरल धीरज सेठ ने भविष्य की सैन्य रणनीति और अपनी प्राथमिकताओं का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सशस्त्र बलों को दिया गया ‘जय’ का मंत्र भारतीय सेना की ‘विजय’ रणनीति का आधार बनेगा और इसी सोच के साथ सेना भविष्य की चुनौतियों का सामना करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का मार्गदर्शक मंत्र अब ‘जय से विजय’ होगा, जिसका उद्देश्य देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की हर परिस्थिति में रक्षा करना है।

जनरल धीरज सेठ ने अपनी प्राथमिकताओं को ‘VIJAY’ सूत्र के माध्यम से विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि ‘V’ का अर्थ विजिलेंस यानी सीमाओं पर हर समय सतर्कता बनाए रखना है, ताकि किसी भी सुरक्षा चुनौती का तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जा सके। ‘I’ का मतलब इनोवेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन है, जिसके तहत युद्धक सिद्धांतों, आधुनिक तकनीकों और सैन्य क्षमताओं में निरंतर नवाचार और बदलाव को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘J’ का अर्थ जॉइंटनेस एंड इंटीग्रेशन है। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत किया जाएगा। साथ ही ‘होल-ऑफ-नेशन’ दृष्टिकोण अपनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी संस्थानों के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित किया जाएगा, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सेना प्रमुख ने बताया कि ‘A’ आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना स्वदेशी रक्षा तकनीकों, आधुनिक हथियारों और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे देश की रक्षा तैयारियां मजबूत होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ‘Y’ का अर्थ ‘योद्धा फर्स्ट’ है, जिसके तहत अग्निवीरों, नियमित सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों सहित सेना परिवार से जुड़े प्रत्येक सदस्य के कल्याण, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उनका मानना है कि एक सक्षम और प्रेरित सैनिक ही देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत होता है।

जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित सभी पूर्व सेना प्रमुखों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व और अनुभव ने भारतीय सेना को मजबूत आधार प्रदान किया है, जिसे आगे बढ़ाते हुए सेना भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेगी।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और आधुनिक युद्ध की नई चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को और तेज किया जाएगा। तकनीक आधारित, भविष्य के लिए तैयार और बहु-आयामी युद्धक्षेत्र में प्रभावी सैन्य क्षमता विकसित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार, सक्षम और अनुभवी बल के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाती रहेगी।

इससे पहले बुधवार को सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने साउथ ब्लॉक लॉन्स में आयोजित समारोह में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और सेना के अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

 

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