Himachal Kasumpti development: कसुम्पटी के चियोग में स्कूल और बिजली परियोजनाओं को बड़ी सौगात, CM सुक्खू ने किए कई अहम ऐलान

Himachal Kasumpti development: कसुम्पटी के चियोग में स्कूल और बिजली परियोजनाओं को बड़ी सौगात, CM सुक्खू ने किए कई अहम ऐलान
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चियोग में विकास कार्यों को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के नए भवन के लिए 5.50 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। साथ ही इस स्कूल में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का भी ऐलान किया गया, जिससे क्षेत्र के छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 66 केवी सब-स्टेशन के निर्माण हेतु 16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे इलाके में लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्या का समाधान होगा।
मुख्यमंत्री ने एफआरए के तहत स्वीकृत कई महत्वपूर्ण सड़कों—बंगापानी से चडैल, चियोग से जठाई, धलैऊ से जनुनाला, चियोग से मेहाना, धलैऊ से धार, फागू से सरिवन और जुब्बड़ से कढरब—के लिए भी पर्याप्त धन उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही धरेच सिंचाई परियोजना के लिए भी वित्तीय सहायता देने की बात कही गई।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन और राजनीतिक सफर को याद किया और कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ के लिए बड़ी राशि खर्च की गई, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि अब हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में 151 सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं और 30 जून तक सभी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगीत और योग जैसे विषयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि बच्चों का समग्र विकास हो सके।
उन्होंने ग्रीन पंचायतों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान देंगी। धरेच में स्थापित 500 किलोवाट सौर ऊर्जा परियोजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इससे पंचायत को नियमित आय प्राप्त होगी और स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठा रही है। वहीं डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना के तहत छात्रों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पुराने उपकरणों को आधुनिक तकनीक से बदला जा रहा है और चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है, जिससे प्रदेश में ही विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजस्व घाटा अनुदान में कटौती से राज्य को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केंद्र से घोषित सहायता राशि अभी तक प्राप्त नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।
इस अवसर पर उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 50 हजार रुपये और चार महिला मंडलों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जय ईश्वरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ रुपये देने का ऐलान किया।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।





