Himachal Day 2026: मुख्यमंत्री सुक्खू ने रिकांग पियो में फहराया तिरंगा, महिलाओं और विकास योजनाओं के लिए बड़े ऐलान

Himachal Day 2026: मुख्यमंत्री सुक्खू ने रिकांग पियो में फहराया तिरंगा, महिलाओं और विकास योजनाओं के लिए बड़े ऐलान
Himachal Pradesh में 79वां हिमाचल दिवस पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह किन्नौर जिले के रिकांग पियो में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर विभिन्न सुरक्षा बलों, एनसीसी और स्कूलों के बैंड दलों ने शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी और राज्य के गठन में अहम योगदान देने वाले Y. S. Parmar और पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। किन्नौर जिले की पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ के तहत हर महीने 1500 रुपये देने का ऐलान किया गया। इसके साथ ही रिकांग पियो के सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित हीटिंग सिस्टम से जोड़ने की योजना भी घोषित की गई।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए तरांडा टनल निर्माण हेतु 8 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके अलावा रोहड़ू में संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज को उरनी स्थानांतरित करने और छोल्टू स्कूल को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड कर CBSE पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निगुलसरी-भावानगर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जिससे किन्नौर और स्पीति के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही रिकांग पियो और शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा शुरू करने की जानकारी दी गई। ऊर्जा क्षेत्र में 415 करोड़ रुपये की लागत से पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना शुरू की जाएगी, जिससे हजारों लोगों को फायदा होगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी राहत भरी घोषणा करते हुए श्रेणी-1 और श्रेणी-2 अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने का फैसला लिया गया। वहीं गैर-राजपत्रित पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति के दिन एक रैंक उच्च पद देने की घोषणा की गई, जिससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से राज्य को हर साल भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके बावजूद सरकार ने आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है और किसानों, बागवानों व पशुपालकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूध, गेहूं, मक्की, हल्दी, जौ और अदरक के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। मछुआरों के लिए भी नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें मानसून के दौरान आर्थिक सहायता और रॉयल्टी में भारी कमी शामिल है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है और कई अस्पतालों में एमआरआई और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा क्षेत्र में भी सुधार करते हुए 151 सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ा गया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ज्वालामुखी और नैनादेवी जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर बड़े निवेश की घोषणा की गई है। कार्यक्रम के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में आकर्षण बढ़ाया।
इस अवसर पर कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य के विकास और प्रगति के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।





