Noida: यमुना-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा न्यू नोएडा, एयरपोर्ट और प्रमुख एक्सप्रेसवे तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

Noida: यमुना-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा न्यू नोएडा, एयरपोर्ट और प्रमुख एक्सप्रेसवे तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

नोएडा। दादरी से खुर्जा के बीच विकसित किए जा रहे दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (डीएनजीआईआर) यानी न्यू नोएडा को भविष्य में यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच प्रस्तावित 72 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के तहत न्यू नोएडा को प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है। प्राधिकरण जल्द ही उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को पत्र लिखकर लिंक एक्सप्रेसवे पर न्यू नोएडा क्षेत्र के लिए एंट्री और एग्जिट प्वाइंट विकसित करने की मांग करेगा। इसके लिए एक्सप्रेसवे पर कट और रैंप बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, ताकि न्यू नोएडा के लोगों और उद्योगों को सीधे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का लाभ मिल सके।

अधिकारियों के अनुसार, लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद न्यू नोएडा की कनेक्टिविटी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से हो जाएगी। इससे निवेशकों, उद्योगों और आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में न्यू नोएडा क्षेत्र जीटी रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है तथा सिकंदराबाद क्षेत्र में इंटरचेंज भी मौजूद है। हालांकि, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी का अभाव था। अब प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे इस कमी को दूर करेगा।

यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले के स्याना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21 फिल्म सिटी के निकट जाकर जुड़ेगा। इससे न्यू नोएडा क्षेत्र को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।

नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सतीश पाल ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी को लेकर जल्द ही अगली समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

वहीं, प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि न्यू नोएडा का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। शुरुआत उन प्रमुख और चौड़ी सड़कों के किनारे से होगी जो पहले से मौजूद हैं और मास्टर प्लान में शामिल हैं। इन्हीं मार्गों के आसपास पहले सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जिसके बाद नई सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण शुरू होगा।

भूमि अधिग्रहण के संबंध में प्राधिकरण का कहना है कि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी। यमुना प्राधिकरण की तर्ज पर किसानों को 4,300 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा देने का प्रस्ताव है। वहीं, जिन किसानों को विकसित भूखंड दिए जाएंगे, उन्हें 3,800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा और 7 प्रतिशत विकसित प्लॉट भी प्रदान किया जाएगा।

न्यू नोएडा परियोजना के लिए अस्थायी कार्यालय स्थापित करने हेतु सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के निकट जोखाबाद और सांवली गांव में लगभग 10 हजार वर्गमीटर भूमि चिह्नित की गई है।

मास्टर प्लान के अनुसार न्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 3,165 हेक्टेयर भूमि पर वर्ष 2027 तक विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, हालांकि इसमें कुछ देरी हुई है। दूसरे चरण में वर्ष 2032 तक 3,798 हेक्टेयर, तीसरे चरण में वर्ष 2037 तक 5,908 हेक्टेयर तथा चौथे और अंतिम चरण में वर्ष 2041 तक 8,230 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि लिंक एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के बाद न्यू नोएडा उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और शहरी विकास क्षेत्रों में शामिल हो सकता है, जिससे रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

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