Greater Noida: ग्रैप की पाबंदियां हटते ही ग्रेटर नोएडा में निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार

Greater Noida: ग्रैप की पाबंदियां हटते ही ग्रेटर नोएडा में निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार
नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में सुधार होने के बाद ग्रैप यानी ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन और चार की पाबंदियां हटा ली गई हैं। इसके साथ ही लंबे समय से रुके हुए निर्माण और विकास कार्यों को दोबारा शुरू कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी संबंधित विभागों को विकास कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में अधूरी पड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके।
ग्रैप की पाबंदियों के कारण बीते दिनों सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों का निर्माण, नालियों और जल निकासी से जुड़े कार्यों पर रोक लगी हुई थी। अब पाबंदियां हटने के बाद प्राधिकरण ने इन सभी कार्यों को फिर से शुरू कर दिया है। परियोजना विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रेटर नोएडा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 100 से अधिक स्थानों पर विकास कार्य चल रहे हैं, जिनमें अब तेजी आने की उम्मीद है।
शहर की प्रमुख और व्यस्त सड़कों में शामिल सूरजपुर-कासना मार्ग की मरम्मत लंबे समय से अधर में लटकी हुई थी। करीब 12 किलोमीटर लंबी यह सड़क सूरजपुर घंटाघर चौक से एलजी चौक और सेक्टर पी-3 से कासना तक कई जगहों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क की हालत खराब होने से रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मरम्मत कार्य शुरू तो हुआ था, लेकिन ग्रैप की पाबंदियां लागू होने के कारण इसे रोकना पड़ा। अब प्रतिबंध हटने के बाद इस सड़क की मरम्मत का काम दोबारा रफ्तार पकड़ेगा, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा कासना कस्बे से आगे सिरसा गोलचक्कर तक सड़क मरम्मत का काम भी जारी है। ग्रेटर नोएडा डिपो मेट्रो स्टेशन के पास जुनपत गोलचक्कर से सेक्टर म्यू की ओर जाने वाली सड़क के पुनर्निर्माण सहित कई अहम परियोजनाओं पर काम चल रहा है। प्राधिकरण की ओर से सेक्टरों के साथ-साथ गांवों में भी करोड़ों रुपये की लागत से जरूरी विकास कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने बताया कि ग्रैप की पाबंदियां हटने के बाद निर्माण कार्यों को तुरंत शुरू कराया गया है। साथ ही सभी एजेंसियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि काम में तेजी के साथ पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। निर्माण स्थलों और सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा ताकि धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण बना रहे। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और आम लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।




