Greater Noida: दलदली जमीन के चारों तरफ बनेगा सुरक्षा घेरा, मासूम की मौत के बाद प्रशासन सख्त

Greater Noida: दलदली जमीन के चारों तरफ बनेगा सुरक्षा घेरा, मासूम की मौत के बाद प्रशासन सख्त
नोएडा। दनकौर कोतवाली क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में दलदली गड्ढे में तीन साल के मासूम की डूबकर मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर दलदली जमीन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से तार फेंसिंग सहित ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएं।
दलेलगढ़ गांव के बाहर लंबे समय से एक जमीन पर पानी भरा हुआ है। लगातार पानी भरे रहने से वह जमीन दलदली हो चुकी है। इसी दलदल में तीन वर्षीय देवांश की डूबने से मौत हो गई थी। देवांश अपने परिवार के साथ एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए मामा के घर आया हुआ था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और प्राधिकरण व प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दलेलगढ़-बिलासपुर संपर्क मार्ग के किनारे स्थित बालेश्वर बाबा समाधि परिसर के पास यह गड्ढा है। धार्मिक स्थल होने के कारण यहां समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में इस संवेदनशील स्थिति का उल्लेख करते हुए प्राधिकरण को तत्काल सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है।
प्राधिकरण स्तर पर अब गड्ढे के चारों ओर तार फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने और अन्य सुरक्षा उपायों की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू कराया जाएगा ताकि क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इधर, जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक मासूम के माता-पिता को राज्य आपदा कोष से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। अधिकारियों ने बताया कि दंपति का संयुक्त बैंक खाता नहीं था, इसलिए दोनों के अलग-अलग खातों में दो-दो लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे सभी खतरनाक गड्ढों की पहचान कर उन्हें भरवाया जाए या चारदीवारी कर सुरक्षित किया जाए। प्रशासन का कहना है कि जिले में इस तरह के अन्य संवेदनशील स्थानों का भी सर्वे कराया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए।


