Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ में पहली बार एडवांस्ड नर्व ब्लॉक तकनीक का सफल उपयोग, घायल तीर्थयात्री को मिली तत्काल राहत

Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ में पहली बार एडवांस्ड नर्व ब्लॉक तकनीक का सफल उपयोग, घायल तीर्थयात्री को मिली तत्काल राहत
नई दिल्ली/केदारनाथ, 2 जून। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और मानवीय सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण केदारनाथ धाम में देखने को मिला, जहां समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर पहली बार एडवांस्ड नर्व ब्लॉक तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया। इस अत्याधुनिक चिकित्सा प्रक्रिया की मदद से हाथ की गंभीर चोट और असहनीय दर्द से पीड़ित एक महिला तीर्थयात्री को कुछ ही मिनटों में बड़ी राहत मिली।
जानकारी के अनुसार, महिला तीर्थयात्री केदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़े से गिर गई थीं। दुर्घटना में उनके हाथ की ऊपरी हड्डी (ह्यूमरस) में फ्रैक्चर हो गया था। चोट के कारण उन्हें अत्यधिक दर्द हो रहा था और हाथ को हल्का सा हिलाना भी उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। पर्वतीय क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तत्काल और प्रभावी उपचार की आवश्यकता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्नत चिकित्सा तकनीक का सहारा लिया।
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा के एनेस्थिसियोलॉजिस्ट तथा स्वामी विवेकानंद स्वास्थ्य मिशन सोसाइटी के स्वयंसेवी चिकित्सक डॉ. विनय ने महिला का उपचार करते हुए सुप्राक्लेविकुलर ब्रेकियल प्लेक्सस ब्लॉक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह एक विशेष तकनीक है जिसमें हाथ से जुड़ी नसों को अस्थायी रूप से सुन्न कर दर्द को नियंत्रित किया जाता है।
प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही मिनटों के भीतर महिला को दर्द से लगभग पूरी तरह राहत मिल गई। इसके बाद चिकित्सकों ने सुरक्षित और सुगमता के साथ फ्रैक्चर को सही स्थिति में लाकर हाथ पर प्लास्टर चढ़ाया। सामान्य परिस्थितियों में अत्यधिक दर्द के कारण ऐसी प्रक्रिया करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन नर्व ब्लॉक तकनीक ने उपचार को सरल और प्रभावी बना दिया।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इस तरह की उन्नत तकनीकों का उपयोग पर्वतीय ट्रॉमा केयर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भविष्य में यात्रा मार्गों पर दुर्घटनाग्रस्त या घायल होने वाले तीर्थयात्रियों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही यह उपलब्धि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और क्षमता को भी दर्शाती है।
केदारनाथ धाम में पहली बार किए गए इस सफल प्रयोग ने यह साबित कर दिया है कि समर्पित चिकित्सकीय सेवा और आधुनिक तकनीक के संयोजन से कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाला उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।

