Film Controversy: फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में नर्सों के चित्रण पर विवाद, मामला पहुंचा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय

Film Controversy: फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में नर्सों के चित्रण पर विवाद, मामला पहुंचा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में नर्सों और नर्सिंग पेशे के कथित अपमानजनक चित्रण को लेकर विवाद अब केंद्रीय स्तर तक पहुंच गया है। देशभर की सरकारी नर्सों के संगठन ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन (एआईजीएनएफ) की शिकायत के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया है।
एआईजीएनएफ ने 4 जून को स्वास्थ्य मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी। संगठन ने आरोप लगाया था कि फिल्म में नर्सों को जिस तरह से दिखाया गया है, उससे नर्सिंग पेशे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है और समाज में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े इस महत्वपूर्ण पेशे को लेकर गलत धारणा बन सकती है।
संगठन का कहना है कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होती हैं और मरीजों की देखभाल से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक उनकी भूमिका बेहद अहम होती है। ऐसे में फिल्मों या अन्य माध्यमों में नर्सिंग पेशे को नकारात्मक या अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत करना लाखों नर्सों के सम्मान और मेहनत को प्रभावित करता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के नर्सिंग अनुभाग ने 24 जून को जारी ऑफिस मेमोरेंडम के माध्यम से एआईजीएनएफ की शिकायत को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को आधिकारिक रूप से भेज दिया। मंत्रालय ने बताया कि फिल्मों की सामग्री, प्रदर्शन और प्रमाणन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने शिकायत को आगे बढ़ाते हुए स्पष्ट किया कि फिल्म से जुड़े किसी भी निर्णय या कार्रवाई का अधिकार संबंधित मंत्रालय के पास है। फिलहाल फिल्म के खिलाफ कोई आदेश या प्रतिबंध जैसी कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन शिकायत को एमआईबी तक भेजे जाने से यह संकेत मिलता है कि नर्सिंग समुदाय की आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया है।
अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इस मामले की समीक्षा करेगा। नर्सिंग संगठनों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद फिल्म के कथित विवादित दृश्यों या प्रस्तुति को लेकर कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।
एआईजीएनएफ ने उम्मीद जताई है कि सरकार नर्सिंग पेशे की गरिमा बनाए रखने के लिए उचित निर्णय लेगी। संगठन का कहना है कि मनोरंजन के माध्यम से किसी भी पेशे का चित्रण जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।





