Fake Gold Scam: नकली सोना देकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा, एक परिवार के पांच सदस्य गिरफ्तार
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में लोगों को असली सोना दिखाकर नकली सोना देने और नकली नोटों की गड्डियां दिखाकर महिलाओं से सोने के जेवर ठगने वाले गिरोह का बिसरख पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक ही परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद निवासी किशोर राय, विशाल राय, संजू राय, सेवाराम और मीना के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लाख रुपये नकद, करीब आठ किलो पीली धातु, 10 कीपैड मोबाइल और छह स्मार्टफोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता था। एक तरीके में आरोपी खुद को आर्थिक रूप से परेशान बताते थे और बेटी की शादी या अन्य मजबूरी का हवाला देकर लोगों को असली सोना बेचने की बात कहते थे।
आरोपी पहले लोगों को असली सोने की धातु दिखाते थे, जिससे सामने वाला उनकी बात पर विश्वास कर लेता था। इसके बाद आरोपी सोने जैसी दिखने वाली नकली मालाएं और सिक्के देकर मोटी रकम लेकर फरार हो जाते थे।
नकली नोटों की गड्डी से महिलाओं को बनाते थे निशाना
गिरोह का दूसरा तरीका महिलाओं को निशाना बनाने का था। आरोपी पैसों से भरा बैग या नोटों की गड्डी होने का दावा करते थे। नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में कागज भरा होता था।
आरोपी महिलाओं को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास बड़ी रकम है और इसके बदले सोने के जेवर दिए जा सकते हैं। लालच में आकर महिलाएं अपने सोने के जेवर आरोपियों को दे देती थीं। इसके बाद आरोपी उन्हें कागज से भरी नकली नोटों की गड्डी थमाकर मौके से फरार हो जाते थे।
इस तरह आरोपी पीड़ितों को असली पैसे या सोने का भरोसा दिलाकर उनके कीमती सामान पर हाथ साफ कर देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने ग्रेटर नोएडा और एनसीआर के अन्य इलाकों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
तीन लाख रुपये नकद और आठ किलो पीली धातु बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा करीब पांच किलो पीली धातु की दो मालाएं और करीब तीन किलो पीली धातु के सिक्के बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 10 कीपैड मोबाइल और छह स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों की आर्थिक मजबूरी, लालच और भरोसे का फायदा उठाकर ठगी करता था। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद पीली धातु और अन्य सामान का इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया गया।


