Extortion Case: बिसरख थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, 29 लाख की फिरौती मामले में लापरवाही पर कार्रवाई
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में जीएसटी सलाहकार से 29 लाख रुपये की फिरौती वसूले जाने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह, राइज चौकी प्रभारी राहुल चौधरी और कांस्टेबल ओम प्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
यह मामला 20 जुलाई का है। बिसरख कोतवाली क्षेत्र निवासी जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार से कार सवार बदमाशों ने कथित तौर पर 29 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी। घटना के बाद पीड़ित की ओर से शिकायत किए जाने के बावजूद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
बताया गया कि मामले में आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की गई थी। पुलिस ने उस समय पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने का हवाला देते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया था। हालांकि, बाद में मामले ने गंभीर रूप ले लिया और घटना के करीब 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और महज चार दिन के भीतर मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मामले के खुलासे के बावजूद शुरुआती स्तर पर शिकायत के निस्तारण और एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच कराई।
जांच के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए बिसरख थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में शिकायतों के निस्तारण और गंभीर आपराधिक मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देशों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आपराधिक मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने के बाद तथ्यों की गंभीरता से जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है। 29 लाख रुपये की फिरौती के इस मामले में शुरुआती कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के बाद की गई यह कार्रवाई इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

