EVM VVPAT Checking: विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियां शुरू, करीब तीन हजार EVM-VVPAT मशीनों की होगी फर्स्ट लेवल चेकिंग
नोएडा। विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर गौतमबुद्धनगर जिले में तैयारियां शुरू होने जा रही हैं। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्ट्रांग रूम में बुधवार से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) शुरू की जाएगी। करीब तीन हजार ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच की जाएगी और पूरी प्रक्रिया लगभग 20 दिन तक चलेगी।
फर्स्ट लेवल चेकिंग के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी मौजूद रहने का अवसर दिया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वेबकास्टिंग भी कराई जाएगी।
कलेक्ट्रेट परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है। एफएलसी शुरू होने के साथ इन मशीनों के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच कर उन्हें चुनाव के लिए तकनीकी रूप से तैयार किया जाएगा।
पिछले महीने निर्वाचन आयोग की ओर से 21 जिलों के अधिकारियों को इस प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद अब इन जिलों में बुधवार से मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू की जा रही है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार ने बताया कि गौतमबुद्धनगर जिले में करीब तीन हजार ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच की जाएगी। इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है।
एफएलसी की पूरी प्रक्रिया करीब 20 दिनों तक चलेगी। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 100 से 150 मशीनों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
जांच के दौरान मशीनों में वोट डालने की प्रक्रिया से लेकर उनके विभिन्न तकनीकी पहलुओं को परखा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान के दौरान इस्तेमाल होने वाली मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार सही तरीके से काम कर रही हैं।
ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीनों की कार्यप्रणाली की भी जांच की जाएगी। तकनीकी परीक्षण के दौरान किसी मशीन में खराबी सामने आने पर उसे इस्तेमाल के लिए स्वीकृत मशीनों से अलग कर दिया जाएगा।
खराब पाई जाने वाली मशीनों के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी जाएगी। इसके बाद आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम और वीवीपैट की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए एफएलसी को विधानसभा चुनाव की प्रारंभिक और अहम तैयारियों में शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य मतदान से पहले मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच करना है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जांच होने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही वेबकास्टिंग के माध्यम से एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी।
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी जांच प्रक्रिया के दौरान बनाए रखा जाएगा। मशीनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए निकाला जाएगा और तकनीकी परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में एफएलसी प्रक्रिया के संचालन के लिए एडीएम भू-आधिपत्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनकी निगरानी में मशीनों की जांच और इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी।
करीब तीन हजार मशीनों की जांच पूरी होने के बाद सही पाई गई ईवीएम और वीवीपैट को आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिए तैयार रखा जाएगा। इस तरह बुधवार से शुरू होने वाली फर्स्ट लेवल चेकिंग के साथ जिले में विधानसभा चुनाव-2027 की प्रशासनिक तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण शुरू हो जाएगा।


