Janmashtami Shopping: मोरपंख वाली पोशाक में सजेंगे लड्डू गोपाल, कान्हा के श्रृंगार से सजे बाजार; 90 हजार रुपये तक के चांदी के झूले
नोएडा। जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजार कान्हा के रंग में रंगने लगे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के श्रृंगार से लेकर पूजा और झांकी की सामग्री तक की खरीदारी में तेजी आ गई है। सेक्टर-18 अट्टा मार्केट, सेक्टर-26, सेक्टर-27 और भंगेल समेत शहर के प्रमुख बाजारों में लड्डू गोपाल की रंग-बिरंगी पोशाक, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, मोतियों की माला, मटकी, पालना, सिंहासन और झूलों की दुकानें सज गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं के बीच मोरपंख वाली पोशाक और आकर्षक मुकुट की मांग सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है।
दुकानदारों के अनुसार जन्माष्टमी से करीब एक सप्ताह पहले ही लड्डू गोपाल के श्रृंगार से जुड़े सामान की बिक्री बढ़ने लगी है। ग्राहक अब सामान्य पोशाक के बजाय आकर्षक कढ़ाई, मोरपंख और अलग-अलग डिजाइन वाली पोशाक को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
बाजार में लड्डू गोपाल के लिए विभिन्न रंगों और आकारों में पोशाक उपलब्ध हैं। इनकी कीमत करीब 150 रुपये से शुरू होकर 800 रुपये तक पहुंच रही है। पोशाक की कीमत डिजाइन, कढ़ाई और उसकी सजावट के आधार पर तय हो रही है।
पिछले साल के मुकाबले इस बार लड्डू गोपाल की पोशाक की कीमत में करीब 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बांसुरी, मोतियों की माला, मुकुट और श्रृंगार से जुड़े कुछ छोटे सामान की कीमतों में भी मामूली अंतर देखने को मिल रहा है।
दुकानदार सुधीर ने बताया कि जन्माष्टमी नजदीक आते ही पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बार ग्राहकों का रुझान खासतौर पर मोरपंख से सजी और कढ़ाई वाली फैंसी पोशाक की तरफ अधिक है।
जन्माष्टमी पर छोटे बच्चों को कान्हा के रूप में सजाने का भी चलन है। ऐसे में बाजार में बच्चों के लिए भगवान कृष्ण की पोशाक खरीदने वाले अभिभावकों की संख्या भी बढ़ रही है। दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहार से एक दिन पहले बिक्री अपने चरम पर पहुंच सकती है।
लड्डू गोपाल के लिए पोशाक के साथ झूलों की भी अच्छी मांग बनी हुई है। बाजार में छोटे और आकर्षक झूले करीब 300 रुपये से शुरू होकर 1,500 रुपये तक उपलब्ध हैं।
दुकानदार आशा कुमारी ने बताया कि सागौन की लकड़ी से तैयार झूले अपेक्षाकृत महंगे हैं। इन झूलों को आकर्षक डिजाइन और सजावट के साथ तैयार किया गया है। इसके अलावा श्रद्धालु पालना, सिंहासन, मटकी और घर में भगवान कृष्ण की झांकी सजाने के लिए अन्य सामान भी खरीद रहे हैं।
कई ग्राहक जन्माष्टमी की पूरी तैयारी के लिए एक साथ पोशाक, झूला, मुकुट, बांसुरी और मोतियों की माला खरीद रहे हैं। इससे श्रृंगार सामग्री बेचने वाले दुकानदारों के यहां ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है।
सेक्टर-18 स्थित अट्टा मार्केट के साथ सेक्टर-26, सेक्टर-27 और भंगेल समेत शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में भी जन्माष्टमी की खरीदारी के लिए लोग पहुंच रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस बार कारोबार में करीब 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
कारोबारियों का अनुमान है कि जन्माष्टमी से एक-दो दिन पहले बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ रहेगी। श्रद्धालु अपनी पसंद और बजट के अनुसार लड्डू गोपाल के संपूर्ण श्रृंगार के लिए सामान खरीद रहे हैं।
सामान्य झूलों के साथ इस बार चांदी से बने झूले भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। सेक्टर-18 स्थित अट्टा मार्केट में अलग-अलग वजन और डिजाइन के चांदी के झूले उपलब्ध हैं।
ज्वेलर नितिन वर्मा ने बताया कि उनके यहां करीब 150 ग्राम वजन का चांदी का झूला लगभग 30 हजार रुपये में उपलब्ध है। वहीं 170 ग्राम का झूला करीब 50 हजार रुपये और 350 ग्राम वजन वाला चांदी का झूला करीब 90 हजार रुपये तक बिक रहा है।
उन्होंने बताया कि लड्डू गोपाल की नियमित सेवा करने वाले श्रद्धालु सामान्य दिनों में भी झूले और अन्य श्रृंगार सामग्री खरीदते हैं, लेकिन जन्माष्टमी के दौरान इनकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। त्योहार के लिए श्रद्धालु विशेष रूप से आकर्षक और सजावटी सामान खरीदना पसंद करते हैं।
इस बार जन्माष्टमी से जुड़ी अधिकांश श्रृंगार सामग्री की कीमतों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। मुख्य रूप से कान्हा की पोशाक की कीमत में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कुछ प्रकार के झूले भी महंगे हुए हैं।
बांसुरी, मोतियों की माला और अन्य छोटी श्रृंगार सामग्री की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है। दुकानदारों के अनुसार इनमें से कई सजावटी वस्तुओं का इस्तेमाल मुख्य रूप से जन्माष्टमी और विशेष अवसरों पर किया जाता है, इसलिए इनकी कीमतें लगभग पिछले साल के आसपास ही बनी हुई हैं।
जन्माष्टमी करीब आने के साथ बाजारों में अब श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने की उम्मीद है। मोरपंख वाली पोशाक से लेकर मुकुट, बांसुरी और आकर्षक झूलों तक श्रद्धालु अपने लड्डू गोपाल के श्रृंगार के लिए पसंदीदा सामान चुन रहे हैं। कारोबारियों को भी त्योहार से पहले के अंतिम दिनों में बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है।


