MCD Employees Issue: दिल्ली एमसीडी पर्यावरण सहायक यूनियन ने सफाईकर्मियों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई

MCD Employees Issue: दिल्ली एमसीडी पर्यावरण सहायक यूनियन ने सफाईकर्मियों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई
रिपोर्ट: अजीत कुमार
दिल्ली में एमसीडी पर्यावरण सहायक यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मेहरोलिया ने सफाई कर्मचारियों के ऊपर हो रहे शोषण और उनके स्थाईकरण के मुद्दे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 20-25 वर्षों से सफाईकर्मियों को स्थाई नहीं किया गया है और इसी कारण उन्हें कई अधिकारों से वंचित रखा गया है। प्रमोद मेहरोलिया ने यह भी कहा कि सफाईकर्मियों के स्थाईकरण को लेकर सफाई निरीक्षक द्वारा रिकॉर्ड में गड़बड़ी की जाती रही है, जिससे कर्मचारियों को कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एमसीडी पर्यावरण सहायक यूनियन किसी भी कर्मचारी के शोषण को बर्दाश्त नहीं करेगी और सभी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रूप से काम करेगी। इस मुद्दे पर एमसीडी डिप्टी कमिश्नर ने संज्ञान लिया और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति और उनके अधिकार सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि लंबे समय से चले आ रहे अन्याय और शोषण का अंत हो सके।
प्रमोद मेहरोलिया ने अधिकारियों से अपील की कि वे कर्मचारियों के स्थाईकरण और रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ी को तुरंत सुधारें और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न होने दें। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जाती है, तो वे सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे। इस बिंदु पर यूनियन ने साफ कर दिया कि एमसीडी में काम करने वाले हर कर्मचारी के हितों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एमसीडी पर्यावरण सहायक यूनियन ने इस मामले को मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों के जरिए भी उठाया है ताकि कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासन और जनता के सामने लाया जा सके। यूनियन ने यह सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी प्रकार का शोषण या अन्याय स्वीकार्य नहीं होगा और सभी कर्मचारियों को उनके हक मिलेंगे।
‘कोटा फैक्ट्री’ सीजन 3: जितेंद्र कुमार की दमदार ड्रामा नेटफ्लिक्स पर आएगी, रिलीज डेट सामने आई





