Saturday, 24 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Ayodhya : योगी सरकार के मार्गदर्शन में अयोध्या में जगमगाएंगे 30 लाख से अधिक दीप, नया कीर्तिमान रचने की तैयारीAyodhya : दीपोत्सव-2026 से पहले निखरेगी रामनगरी की भव्यता, प्रमुख मार्गों के सौंदर्यीकरण में जुटा लोक निर्माण विभागLucknow : 26 अक्टूबर को धूमधाम से महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाएगी योगी सरकारMathura : वृंदावन में गंगा नृत्य नाटिका के साथ ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों का शुभारंभNew Delhi : दिल्ली क्वीन ब्यूटी पेजेंट 2026 का आयोजन, मुस्कान सेन बनीं विजेताChandigarh : दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने ऊपर से दबाव का हवाला देकर मुझे 2 घंटे तक रोककर रखा- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानChandigarh : वोट-चोरी’ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा; एसआईआर को तुरंत रद्द किया जाए- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मानTiger Shroff Firing Case: सलमान खान और रणबीर कपूर के घरों की रेकी का दावा, टाइगर पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

Newborn Heart Surgery: जन्म के 40 मिनट बाद नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

Newborn Heart Surgery: जन्म के 40 मिनट बाद नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

नई दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला अस्पताल में डॉक्टरों ने एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल करते हुए जन्म के केवल 40 मिनट बाद एक नवजात शिशु की सफल हार्ट सर्जरी कर उसकी जान बचा ली। डॉक्टरों ने मिनिमली इनवेसिव तकनीक ‘बैलून एओर्टिक वाल्वोटोमी’ के जरिए यह जटिल प्रक्रिया पूरी की। जन्म के तुरंत बाद बच्चे की हालत गंभीर थी और उसका दिल ठीक से काम नहीं कर पा रहा था, लेकिन समय रहते किए गए उपचार से उसकी जान बच गई।

डॉक्टरों के मुताबिक शिशु को जन्मजात हृदय रोग था। उसके दिल का एओर्टिक वाल्व अत्यंत संकरा था, जिसके कारण हृदय में रक्त का प्रवाह सामान्य रूप से नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा हृदय की मांसपेशियां भी कमजोर थीं और दिल के आसपास तरल पदार्थ जमा हो गया था। यह गंभीर समस्या गर्भावस्था के दौरान ही जांच में सामने आ गई थी, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्चे के जन्म और उपचार की पूरी योजना पहले से तैयार कर ली थी।

जानकारी के अनुसार गर्भावस्था के 30वें सप्ताह में बच्चे के माता-पिता फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला अस्पताल पहुंचे थे। इसके बाद 31वें सप्ताह में एक अन्य अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म कराया गया। जन्म के तुरंत बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की स्थिति का मूल्यांकन किया और उन्नत अल्ट्रासाउंड तकनीक की मदद से ‘बैलून एओर्टिक वाल्वोटोमी’ प्रक्रिया को अंजाम दिया। यह सर्जरी जन्म के 40 मिनट के भीतर ही पूरी कर ली गई, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘गोल्डन आवर’ के भीतर की गई जीवनरक्षक कार्रवाई माना जाता है।

सर्जरी के तुरंत बाद बच्चे की स्थिति में सकारात्मक सुधार दिखाई देने लगा। बाद में की गई इकोकार्डियोग्राफी जांच में पुष्टि हुई कि एओर्टिक वाल्व सही तरीके से खुल गया है और हृदय का कार्य बेहतर हो गया है। इससे बच्चे के शरीर में रक्त का प्रवाह सामान्य होने लगा और उसकी स्थिति स्थिर होती चली गई।

समय से पहले जन्मे इस शिशु को बाद में नवजात गहन देखभाल इकाई यानी नियोनेटल नर्सरी में रखा गया, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उसकी लगातार निगरानी की। अस्पताल की टीम ने उसकी रिकवरी और वजन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। कुछ हफ्तों तक चले उपचार और देखभाल के बाद बच्चे की हालत पूरी तरह स्थिर हो गई और उसे स्वस्थ स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते की गई सटीक जांच, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की टीमवर्क की बदौलत यह जटिल सर्जरी सफल हो सकी। इस उपलब्धि को नवजात हृदय उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जो गंभीर जन्मजात हृदय रोगों के इलाज में आधुनिक चिकित्सा की क्षमता को दर्शाता है।

‘कोटा फैक्ट्री’ सीजन 3: जितेंद्र कुमार की दमदार ड्रामा नेटफ्लिक्स पर आएगी, रिलीज डेट सामने आई

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें