Cyber Fraud: निवेश विशेषज्ञ बन इंजीनियर से 52.60 लाख रुपये की साइबर ठगी

Cyber Fraud: निवेश विशेषज्ञ बन इंजीनियर से 52.60 लाख रुपये की साइबर ठगी
नोएडा : साइबर अपराधियों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर एक इंजीनियर को आईपीओ और स्टॉक ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया और उससे 52.60 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से देहरादून निवासी और वर्तमान में नोएडा में रहने वाले इंजीनियर अखिलेश सयाना को 4 फरवरी 2026 को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए आईपीओ और स्टॉक ट्रेडिंग के जरिए कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का दावा किया।
शुरुआत में साइबर ठगों ने फर्जी मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद लगातार अधिक निवेश करने के लिए दबाव बनाया गया। 2 मार्च से 16 मार्च के बीच पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 52.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब उन्होंने निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। बाद में उन्होंने संपर्क भी बंद कर दिया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ और उन्होंने 16 अप्रैल को राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम निवेश ग्रुप से दूर रहें। केवल सेबी से पंजीकृत और अधिकृत निवेश प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें। कम समय में अधिक मुनाफे के दावों पर विश्वास न करें और किसी भी बैंक खाते में राशि भेजने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।





