Cyber Crime: शेयर मार्केट, टेलीग्राम टास्क और फर्जी ई-मेल से करोड़ों की साइबर ठगी
Cyber Crime: शेयर मार्केट, टेलीग्राम टास्क और फर्जी ई-मेल से करोड़ों की साइबर ठगी
नोएडा : गौतमबुद्ध नगर में साइबर अपराधियों ने शेयर मार्केट में निवेश, टेलीग्राम टास्क और फर्जी ई-मेल के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। अलग-अलग मामलों में दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि सेक्टर-143 निवासी देवाशीष वर्धन को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने 18 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा लिए। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर लिया गया।
इसी तरह सेक्टर-37 निवासी पुनीत से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 53 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दिग्विजय सिंघल से ट्रेडिंग के नाम पर 42 लाख 13 हजार 714 रुपये की धोखाधड़ी की गई। दोनों मामलों में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक अन्य मामले में सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसायटी निवासी अमानुल्लाह खान को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश का झांसा दिया गया। शुरुआत में मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया और बाद में करीब 72 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी राशि वापस निकालनी चाही तो टैक्स जमा करने और रकम जब्त करने की धमकी दी गई, जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम टास्क के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया। 78 वर्षीय सुप्रतिम कुंडू से टास्क पूरा करने के नाम पर 19 लाख 78 हजार 600 रुपये की ठगी की गई। शिकायत की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने कुछ बैंक खातों में जमा रकम फ्रीज भी कराई है।
फर्जी ई-मेल के जरिए भी एक कंपनी से करीब 18.93 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ब्राइट इलेक्ट्रिकल की ई-मेल आईडी से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल बनाकर ग्राहक कंपनी हेलेनिक्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को नकली बैंक खाते की जानकारी भेज दी। ग्राहक ने उसी खाते में भुगतान कर दिया, जिसके बाद जांच में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर कुछ बैंक खातों में रकम फ्रीज कराई है।
डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि सभी मामलों में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में स्थानांतरित की गई और इसके पीछे सक्रिय साइबर गिरोह तक कैसे पहुंचा जाए। लोगों से अपील की गई है कि निवेश या ऑनलाइन भुगतान से पहले पूरी तरह सत्यापन अवश्य करें।





