Crime News: नोएडा में 3.65 किलो ओजी गांजा के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, कॉलेज छात्रों तक पहुंचाते थे नशे की सप्लाई

Crime News: नोएडा में 3.65 किलो ओजी गांजा के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, कॉलेज छात्रों तक पहुंचाते थे नशे की सप्लाई
नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और नॉलेज पार्क थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 किलो 650 ग्राम ओजी (ऑर्गेनिक/हाई ग्रेड) गांजा, दो लग्जरी वाहन और चार लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को यह मादक पदार्थ सप्लाई करते थे।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा Ravi Shankar Nim ने बताया कि एएनटीएफ कानपुर को सूचना मिली थी कि गोरखपुर निवासी युवराज चौधरी उर्फ नवीन और उसका साथी शशांक अपने सहयोगियों के साथ स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर नोएडा के परी चौक क्षेत्र में ओजी गांजा की खेप पहुंचाने आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएनटीएफ और नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
पुलिस टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट के पास बैरियर लगाकर सघन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक थार जीप वहां पहुंची और कुछ देर बाद एक स्कॉर्पियो कार भी मौके पर आ गई। पुलिस के अनुसार थार में सवार एक युवक स्कॉर्पियो में जाकर बैठ गया। संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों वाहनों में सवार चार युवकों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के पटना सिटी निवासी 21 वर्षीय प्रणय पुष्प, गोरखपुर निवासी 21 वर्षीय युवराज चौधरी, 19 वर्षीय शशांक शाही और 20 वर्षीय रोहन चौधरी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से 3.65 किलोग्राम ओजी गांजा, एक थार, एक स्कॉर्पियो और चार लाख रुपये नकद बरामद किए। पुलिस का मानना है कि बरामद नकदी नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त रकम हो सकती है।
पूछताछ में प्रणय पुष्प ने बताया कि उसने हाल ही में शारदा यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई पूरी की है और वह ग्रेटर नोएडा की निंबस कॉलोनी में रहता था। उसने पुलिस को बताया कि पढ़ाई के दौरान बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए उसने नशीले पदार्थों की बिक्री का काम शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात युवराज और शशांक से हुई और वह इस नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शशांक के परिजन थाईलैंड में रहते हैं और उनका वहां लगातार आना-जाना होता है। पुलिस को शक है कि इसी संपर्क का उपयोग कर नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जा रही थी। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि युवराज, शशांक और रोहन ग्रेटर नोएडा की केंद्रीय विहार कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में रहकर इस पूरे नेटवर्क का संचालन करते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और छात्र आवासीय क्षेत्रों में ऊंची कीमतों पर ओजी गांजा की सप्लाई करते थे। युवाओं और छात्रों को निशाना बनाकर यह गिरोह लंबे समय से अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा मादक पदार्थों की सप्लाई की पूरी श्रृंखला क्या है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन, वित्तीय लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।





